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भारत के पहले निजी रॉकेट विक्रम-1 की उड़ान आज: प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई, कहा- अंतरिक्ष यात्रा का नया अध्याय

Sat, 18 Jul 2026 09:29 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले निजी तौर पर विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 की पहली उड़ान को देश की अंतरिक्ष यात्रा का ऐतिहासिक अध्याय बताया। उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस को शुभकामनाएं दीं। वहीं, इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत के पहले निजी तौर पर विकसित प्रक्षेपण यान विक्रम-1 के पहले कक्षीय प्रक्षेपण की सराहना की। उन्होंने इसे देश की अंतरिक्ष यात्रा में एक 'ऐतिहासिक नई सीमा' और भारत के युवाओं की प्रतिभा और उद्यमशीलता की भावना का प्रतिबिंब बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? 

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प्रक्षेपण से पहले एक्स पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कहा 'भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक नया अध्याय! आज सुबह 11:30 बजे, स्काईरूट एयरोस्पेस भारत के पहले निजी तौर पर विकसित प्रक्षेपण यान विक्रम-1 का पहला कक्षीय प्रक्षेपण करेगी। यह चार चरणों वाला रॉकेट त्वरित और मांग के अनुसार प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मिशन हमारे युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की भावना को दर्शाता है।
 

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नवाचार और उद्यम के लिए नए अवसर
उन्होंने आगे कहा कि यह यह भी दिखाता है कि कैसे हमारे अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधार नवाचार और उद्यम के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। सफल प्रक्षेपण के लिए स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं। विक्रम-1 ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे और नवप्रवर्तकों की एक पीढ़ी को प्रेरित करे। मैं सभी भारतीयों, विशेष रूप से अपने युवा मित्रों से आग्रह करता हूं कि वे इस ऐतिहासिक मिशन का अनुसरण करें और #India With Vikram1 का उपयोग करके स्काईरूट टीम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दें।  

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इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ ने भी स्काईरूट एयरोस्पेस टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं और इस मिशन को भारत के बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने क्या कहा? 
इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने लिखा 'आज विक्रम-1 कक्षीय रॉकेट के साथ मिशन आगमन के परीक्षण प्रक्षेपण पर स्काईरूट एयरोस्पेस टीम को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह किसी रॉकेट की पहली कक्षीय उड़ान से कहीं अधिक है। यह भारत की निजी रॉकेट निर्माण क्षमता के आगमन का प्रतीक है और हमारे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के उल्लेखनीय परिवर्तन को दर्शाता है।

वर्षों के नवाचार, नीतिगत सुधारों,इसरो की ओर से रखी गई मजबूत नींव और उद्यमशील युवाओं की ऊर्जा पर निर्मित, यह मिशन भारतीय उद्योग, स्टार्टअप और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर खोलता है। प्रत्येक अग्रणी प्रक्षेपण, परिणाम चाहे जो भी हो, भविष्य के लिए ज्ञान, आत्मविश्वास और गति प्रदान करके हमारी सामूहिक क्षमता को आगे बढ़ाता है। स्काईरूट टीम को सुरक्षित और सफल मिशन की शुभकामनाएं। आशा है कि विक्रम-1 भारत के लिए नवाचार और वाणिज्यिक विकास के एक नए युग का सूत्रपात करेगा।'

हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस की ओर से निर्मित भारत का पहला निजी तौर पर विकसित कक्षीय श्रेणी का रॉकेट, विक्रम-1, 18 जुलाई को सुबह 11:30 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपनी पहली परीक्षण उड़ान, मिशन आगमन के लिए निर्धारित है।

 

 

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