लद्दाख के कारगिल स्थित मिनिमर्ग चेकपॉइंट पर एक महिला पर्यटक के हंगामे और उसके 'हम Gen Z हैं' वाले बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक नेताओं से लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तक, कई लोगों ने महिला की टिप्पणियों की आलोचना की है। इस बीच सेना के कई पूर्व अधिकारियों ने सैनिकों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था और सैनिकों के बलिदान पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों को समझना जरूरी है।
जनरल वीके सिंह ने सैनिकों के सम्मान की बात कही
मिजोरम के राज्यपाल और सेना के पूर्व प्रमुख जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड) ने गुरुवार को कहा कि किसी भी घटना की आलोचना तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि भावनाओं या बिना सोचे-समझे लगाए गए आरोपों के आधार पर। उन्होंने कहा कि मिनिमर्ग की घटना हमारे सैनिकों के साहस, बलिदान और सतर्कता की याद दिलाती है। ऐसे में सैनिकों को गलत तरीके से दोषी ठहराना या उनका अपमान करना उचित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,'भारत के सशस्त्र बल हमारे देश और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के बीच खड़े हैं। मिनिमर्ग की घटना हमारे सैनिकों के साहस, बलिदान और सतर्कता की एक बड़ी याद दिलाती है।' हालात चाहे जो भी हों, हमारे सैनिकों को गलत तरीके से दोषी ठहराना या उनका अपमान करना गलत है। आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, न कि भावनाओं या बिना सोचे-समझे लगाए गए आरोपों पर। हम उन लोगों के साथ खड़े हैं जो भारत की सेवा करते हैं और इसके लिए बलिदान देते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने महिला को दिया जवाब
उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस वीडियो के बाद सामने आई, जिसमें कथित तौर पर एक महिला कारगिल, लद्दाख के मिनिमर्ग चेकपॉइंट पर सुरक्षाकर्मियों से बहस करती और हंगामा करती नजर आ रही है। वह उन कई पर्यटकों में शामिल थी, जिन्हें बैरिकेड वाले इलाके से आगे जाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। चिनार कॉर्प्स के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों (रिटायर्ड) ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और इलाके में तैनात सैनिकों का बचाव किया। महिला के कथित बयान,'हमारे टैक्स से उनकी सैलरी मिलती है', पर प्रतिक्रिया देते हुए ढिल्लों ने कहा कि सैनिक अपनी सैलरी मिलने से पहले ही टैक्स चुका देते हैं। सैनिक अपनी सैलरी मिलने से पहले ही अपना टैक्स चुका देते हैं। आप ऐसे इलाकों में छुट्टियां मनाने जा सकते हैं क्योंकि हमारे सैनिक दिन-रात इसकी सुरक्षा करते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान भी देनी पड़े। उन्होंने वीडियो में नजर आ रही महिला से यह भी अपील की कि वह अपने अधिकारों की मांग करने से पहले कानून का पालन करने वाली एक जिम्मेदार नागरिक बने। ढिल्लों ने लिखा,'आपकी भाषा आपकी अच्छी परवरिश और स्कूली शिक्षा की झलक होती है। हमेशा सम्मानजनक व्यवहार करें। अधिकारों की मांग करने से पहले कानून का पालन करने वाला एक अच्छा नागरिक बनना सीखें। और आखिर में... ‘जल्द ठीक हो जाइए।’'
लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने भी जताई नाराजगी
चिनार कॉर्प्स के एक अन्य पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ (रिटायर्ड) ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला की टिप्पणी सैनिकों के बलिदान का अपमान है। उन्होंने एक्स पर लिखा,'लद्दाख में, जहां ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा रहा था, एक महिला पर्यटक ने कहा, ‘सेना की सैलरी हमारे टैक्स से दी जाती है।’ मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन यह टिप्पणी सैनिकों के बलिदान का अपमान है। सेना के जवान भी टैक्स देते हैं। बॉर्डर एरिया होने के कारण लद्दाख में सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील परिस्थितियां होती हैं।'
सोशल मीडिया पर भी महिला की टिप्पणियों की आलोचना
वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। राजनीतिक नेताओं से लेकर आम सोशल मीडिया यूजर्स तक, कई लोगों ने महिला की भाषा और सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार की आलोचना की।
आखिर वायरल वीडियो में हुआ क्या था?
बुधवार को कारगिल के मिनिमर्ग चेकपॉइंट पर अधिकारियों से बहस करती एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इससे लोगों में नाराजगी फैल गई। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो 25 जुलाई का है। उस दिन जोजिला-गुमरी मार्ग पर रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के दौरे के कारण कुछ समय के लिए यातायात रोका गया था। रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख को हवाई मार्ग से यात्रा करनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें हेलीकॉप्टर से गुमरी जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से कारगिल की यात्रा की।
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‘हम Gen Z हैं... हम यह बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे’
वायरल वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि लोग दूर-दूर से यात्रा करके आते हैं और अपनी यात्रा पर काफी पैसा खर्च करते हैं, लेकिन उन्हें 'यह सब' झेलना पड़ रहा है। वीडियो में वह चेकपॉइंट पर सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस करती नजर आती है। वह खुद को और अन्य लोगों को पर्यटक बताते हुए यह भी कहती सुनाई देती है कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। इसी दौरान महिला को यह कहते हुए सुना जाता है,'हम Gen Z हैं... हम यह बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे।'