फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धरने पर सियासत तेज: पैलेट गन मामले में FIR दर्ज कराने पर अड़े राहुल, भाजपा बोली-ध्यान भटका रहे कांग्रेस नेता

Fri, 21 Aug 2026 02:31 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए  साहिल लोचब को लेकर राहुल गांधी संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुंचे और   FIR दर्ज कराने की कोशिश की। उनके इस प्रदर्शन पर भाजपा की तरफ से तीखा पलटवार किया गया है। 
Register For Event
विज्ञापन
राहुल गांधी व रविशंकर प्रसाद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र साहिल लोचब को पैलेट गन से घायल किए जाने के आरोप को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को साहिल के साथ संसद मार्ग स्थित DCP कार्यालय पहुंचकर FIR दर्ज कराने की मांग की और पुलिस कार्रवाई को गंभीर अपराध बताया। वहीं, बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के कदम पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाई-पावर्ड कमेटी की जांच का हवाला दिया और कहा कि गोली चली या नहीं, इसका फैसला जांच के बाद ही होगा।

विज्ञापन


राहुल गांधी ने क्या कहा?
पीड़ित घायल के साथ FIR कराने पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चला या नहीं इसके सबूत खुद साहिल के शरीर में मौजूद छर्रे हैं। साहिल के शरीर में 200 से अधिक पैलेट धंसे हुए हैं, जिनमें से तीन उसकी आंख में हैं। लेडी हार्डिंग अस्पताल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि रिपोर्ट में भी 200 से अधिक पैलेट और आंख में तीन छर्रे होने की पुष्टि हुई है और साहिल की आंख की रोशनी चली गई है, जिससे वह अब उस आंख से कभी नहीं देख पाएगा। हमारी एकमात्र मांग है कि मामले में FIR दर्ज की जाए, DDR दर्ज हो और जांच अधिकारी का नाम बताया जाए, इसके बाद वे वहां से चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग सिर्फ इस परिवार को न्याय दिलाने की है।

ये भी पढ़ें: थाने में राहुल गांधी का धरना: कांग्रेस नेता ने कहा- जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, यहां से नहीं हिलेंगे
विज्ञापन
विज्ञापन


'क्या आप बस वही कर सकते हैं जो आपका मन करे?' 
राहुल गांधी के इस प्रदर्शन पर भाजपा की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'सबसे अहम बात यह है कि जो लोग पीड़ित थे, वे सुप्रीम कोर्ट गए और सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले की जांच के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाई। इस कमेटी के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज हैं और इसमें दो अन्य जज, सीबीआई के एक पूर्व डायरेक्टर और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। तो, गोली चली या नहीं, यह खुद ऐसी हाई-पावर्ड कमेटी के सामने जांच का विषय होगा। फिर इन सबका क्या मतलब है? राहुल गांधी, क्या आपको कानून के शासन का कोई सम्मान नहीं है? क्या आप बस वही कर सकते हैं जो आपका मन करे, कहीं भी जा सकते हैं, धरने पर बैठ सकते हैं और अराजकता फैलाना शुरू कर सकते हैं?' 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें