Piyush Goyal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शु्क्रवार को ग्रेटर नोएडा में ICAI वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत का वस्तु और सेवा निर्यात इस वर्ष भी बढ़ा है। 2025-26 में यह 850 अरब डॉलर को पार कर सकता है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित ICAI वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स कार्यक्रम में कहा कि भारत का वस्तु और सेवा निर्यात इस वर्ष भी लगातार बढ़ रहा है। 'मुझे विश्वास है कि कड़ी मेहनत के चलते हम अपने ही रिकॉर्ड तोड़ेंगे और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।'
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38.5 अरब डॉलर पर पहुंचा भारत का निर्यात
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में देश का वस्तु निर्यात 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, आयात 8.7 प्रतिशत बढ़कर 63.55 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान देश का वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उम्मीद है कि देश का वस्तु और सेवा निर्यात 2025-26 में 850 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर सकता है, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा 825 अरब अमेरिकी डॉलर था।
FTA का सबसे ज्यादा असर प्रीमियम ऑटो सेगमेंट पर
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ANI से बातचीत में कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय समझौतों में प्रवेश करता है, देश का विकसित देश बनने का सपना और नजदीक आता है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय ऑटोमोबाइल निर्माता अच्छी तरह समझते हैं कि भारत में उत्पादन करना उनके लिए फायदेमंद है, और इससे भारत में रोजगार सृजित होंगे।
भारत में ही बनेंगी लग्जरी कारें
भारत-यूरोपीय संघ (EU) शुल्कों के भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर पर प्रभाव के बारे में गोयल ने कहा कि भारतीय ऑटो उद्योग असाधारण रूप से अच्छा कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हमने उन कारों के लिए बाजार पूरी तरह से नहीं खोला है जिनकी कीमत 25-30 लाख रुपये तक है। हमने ऑटो उद्योग की पूरी तरह से सुरक्षा की है।' यदि लग्जरी कारों को बाजार में प्रवेश की अनुमति दी जाती है और वे यहां थोड़े से बाजार हिस्से को देखते हैं, तो वे कारें भी भारत में निर्मित की जाएँगी।