कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को यूजीसी-नेट की दोबारा परीक्षा को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। इसके साथ ही मांग की कि इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
शिक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
एनटीए पर क्या निशाना साधा?
'एनटीए अब भी असली सवाल का जवाब नहीं दे रहा है। क्या परीक्षा से पहले ये पेपर लीक हुए थे?' उन्होंने आगे कहा, 'मोदी सरकार के बाकी विभागों की तरह, एनटीए भी कभी अपनी गलती नहीं मानता। जैसे गड़बड़ी वाले दूसरे पेपर्स के मामले में हुआ, मुझे पूरा यकीन है कि इस बार भी किसी की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी।'
छात्रों से क्या कहा?
कांग्रेस नेता ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं। उन्होंने मांग की, 'एनटीए की लीडरशिप को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि, 'सितंबर में दोबारा यह परीक्षा देने वाले हर छात्र से मैं कहना चाहता हूं।
समस्या आप नहीं हैं। पीएम मोदी ने एक ऐसी व्यवस्था बनाई है जो ठीक से परीक्षा आयोजित नहीं कर सकती और फिर परीक्षा देने वाले छात्रों को ही दोष देती है। आपके साल छीने जा रहे हैं और जब तक पीएम मोदी इसका जवाब नहीं देते, हम नहीं रुकेंगे।'
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रविवार को यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा के तीन पेपर इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की। इन पेपरों में कई गलतियों की शिकायतें मिली थीं।
कब है परीक्षा?
इंग्लिश का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली शिफ्ट में होगा। वहीं, कॉमर्स का पेपर उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक दूसरी शिफ्ट में होगा। सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली शिफ्ट में होगा।