कोरोना के जेएन.1 वैरिएंट को ध्यान में रखते हुए बायोलॉजिकल-ई की कॉर्बेवैक्स वैक्सीन में बदलाव की तैयारी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की विशेषज्ञ समिति ने कुछ शर्तों के साथ इसके अपडेट की सिफारिश की है। कंपनी ने 18 से 80 वर्ष की उम्र के 280 लोगों पर किए गए अध्ययन से सुरक्षा और प्रतिरक्षा संबंधी आंकड़े प्रस्तुत किए थे।
कोरोना के जेएन.1 वैरिएंट से बचाव के लिए कॉर्बेवैक्स वैक्सीन अपडेट किया जाएगा। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विशेषज्ञ समिति ने बायोलॉजिकल-ई कंपनी के इस टीके में बदलाव को मंजूरी दे दी है।
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ये वैक्सीन 18 से 80 साल की उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद बताई गई है। कंपनी ने 18 से 80 साल की उम्र के 280 लोगों पर अध्ययन किया। इसके सुरक्षा और प्रतिरक्षा संबंधी आंकड़े समिति के सामने पेश किए गए।
समिति ने कुछ शर्तें भी रखीं
समिति ने टीके को जेएन.1 वैरिएंट के अनुसार अपडेट करने की सिफारिश कुछ शर्तों के साथ की है। कंपनी को टीके से जुड़े सुरक्षा आंकड़े जमा करने, टीका लगने के बाद होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी जारी रखने और स्वास्थ्यकर्मियों व टीका लगवाने वालों के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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टीकाकरण का रिकॉर्ड कोविन या यू-विन पर दर्ज करने की शर्त भी रखी गई है। समिति ने यह भी कहा कि टीके के साथ स्वास्थ्यकर्मियों और टीका लगवाने वाले व्यक्ति के लिए अलग-अलग जानकारी पत्र दिए जाएं।