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'सीजेपी के संस्थापक संत नहीं': सोनम वांगचुक बोले- उनकी भी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं; अभिजीत दीपके ने दी सफाई

Sun, 30 Aug 2026 08:12 PM IST
पवन पांडेय पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर

सार

अभिजीत दीपके ने कहा कि एक तरफ आरएसएस प्रमुख समावेशिता की बात करते हैं और बच्चों के प्रति सम्मान की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छा नहीं लगता और भाजपा को अपने 'मार्गदर्शक' मोहन भागवत की बात कम से कम सुननी चाहिए।
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अभिजीत दीपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके ने रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में सीजेपी नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा होने की बात कही थी। दीपके ने कहा कि वांगचुक के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वांगचुक से पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर सवाल पूछा गया था। उनके मुताबिक, वांगचुक ने दोनों नेताओं को प्रतिभाशाली और अच्छा नेता बताया था और कहा था कि वे अब तक भ्रष्ट नहीं हुए हैं तथा उन्होंने आंदोलन ईमानदारी से चलाया है।

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सीजेपी संस्थापक ने कहा कि वांगचुक से बाद में पूछा गया कि भविष्य में क्या होगा। इस पर उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई व्यक्ति क्या करेगा, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। अभिजीत दीपके ने भी कहा कि वह खुद नहीं बता सकते कि भविष्य में कोई व्यक्ति क्या करेगा। उन्होंने लोगों से किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने की अपील की। अभिजीत दीपके ने कहा कि किसी के भविष्य के व्यवहार की कोई गारंटी नहीं होती। गौरतलब है कि वांगचुक ने अपने इंटरव्यू में यह भी कहा था कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना अपने आप में गलत नहीं है।

अभिजीत दीपके का भाजपा पर हमला
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को लगता है कि वह अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से बड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा को संघ प्रमुख मोहन भागवत की बातों पर ध्यान देना चाहिए। अभिजीत दीपके ने यह बात मोहन भागवत के उस बयान को लेकर कही, जिसमें संघ प्रमुख ने न्यूयॉर्क में कहा था कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। दीपके ने कहा कि वह शुरुआत से ही कहते रहे हैं कि भाजपा को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए।
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भाजपा पर अभिजीत दीपके ने लगाए आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 12 साल से सत्ता में रहने और कई सरकारी एजेंसियों के नियंत्रण में होने के कारण भाजपा को लगने लगा है कि वह आरएसएस से बड़ी हो गई है। दीपके ने कहा कि भाजपा सत्ता में आरएसएस के समर्थन और संगठन की वजह से आई है, इसलिए उसे संघ के विचारों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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पीएम मोदी पर भी अभिजीत दीपके ने साधा निशाना
इस दौरान अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने पहले कहा था कि प्रदर्शन कर रहे जेन-जी युवाओं को 'राष्ट्रविरोधी' नहीं कहा जाना चाहिए। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। अभिजीत दीपके ने कहा कि इससे ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री मोहन भागवत की बात नहीं सुन रहे हैं। 

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