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बंगाल: कुणाल घोष की कार पर दो दिन में दूसरी बार हमला, शीशा तोड़ा; सुरक्षाकर्मी पर बंदूक तानने का लगाया आरोप

Sun, 27 Sep 2026 08:14 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, नई दिल्ली

सार

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि दो दिनों में उनकी कार पर दूसरी बार हमला हुआ। उन्होंने हमलावरों पर शीशा तोड़ने और सुरक्षाकर्मी पर बंदूक तानने का आरोप लगाया। भाजपा ने आरोपों से इनकार किया है।

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टीएमसी विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष ने रविवार को आरोप लगाया कि उनकी कार पर लगातार दूसरे दिन हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि कोलकाता के नर्केलडांगा इलाके में बाइक सवार लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और हथौड़े से शीशे तोड़ दिए। घोष के मुताबिक, हमलावरों में से एक ने उनके सुरक्षाकर्मी पर बंदूक भी तानी।

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घोष ममता बनर्जी के खेमे से जुड़े टीएमसी विधायक हैं और बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह घटना शनिवार को हुगली के उत्तरपाड़ा में उनकी कार पर कथित पथराव और अंडे फेंके जाने की घटना के एक दिन बाद हुई।

'कल हमला हुआ था, आज मारने की कोशिश की'
कुणाल घोष ने पत्रकारों को कार के टूटे शीशे के टुकड़े दिखाते हुए कहा कि शनिवार को उत्तरपाड़ा में उनकी कार पर हमला हुआ था और रविवार को उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया "कल उत्तरपाड़ा में मुझ पर हमला हुआ था। आज वे मुझे मारना चाहते थे।" घोष के अनुसार, वह अपने विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी बाइक सवार लोगों ने उनकी कार को घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने हथौड़े से कार का शीशा तोड़ा और उनके सुरक्षाकर्मी की ओर हथियार ताना। रविवार की घटना को लेकर घोष ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
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शनिवार को भी कार पर हुआ था हमला
इससे एक दिन पहले, शनिवार को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा इलाके में भी कुणाल घोष की कार को कथित तौर पर निशाना बनाया गया था। उस समय वह ममता बनर्जी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सेरामपुर जा रहे थे।

घोष के अनुसार, उनकी कार को रोककर उस पर पत्थर और अंडे फेंके गए, जिससे वाहन के शीशे टूट गए। इस घटना को लेकर भी उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी। हालांकि, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर पुलिस की ओर से तत्काल कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया था।

पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे घोष
पहली घटना के बाद कुणाल घोष क्षतिग्रस्त कार लेकर कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे थे। उनके मुताबिक, उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। रविवार की घटना के बाद भी उनकी क्षतिग्रस्त कार को नर्केलडांगा पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

कुणाल घोष ने भाजपा पर लगाए आरोप
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है और सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े लोगों पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उत्तरपाड़ा के भाजपा विधायक दिपांजन चक्रवर्ती ने घोष के आरोपों को 'ड्रामा' बताया। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने दावा किया कि घोष प्रचार हासिल करने के लिए खुद अपनी गाड़ी पर हमले करवा रहे हैं और इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है।
 

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी घटना को लेकर घोष के दावों पर सवाल उठाए। मजूमदार ने इसे टीएमसी के दो गुटों के बीच विवाद का संभावित परिणाम बताया और भाजपा की संलिप्तता से इनकार किया।

अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने घटना की निंदा करते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त से बातचीत करने का आग्रह किया। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना गंभीर विषय है। उन्होंने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आरोपों की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी
लगातार दो दिनों में कुणाल घोष की कार पर कथित हमलों को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। घोष ने जहां दोनों घटनाओं के लिए भाजपा से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया है, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दोनों घटनाओं में जिम्मेदारी तय करने को लेकर जांच जारी है।

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