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Bengal: सिब्बल बोले- मतगणना केंद्र पर राज्य सरकार का कर्मचारी होना जरूरी; TMC की धमकी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन

Sat, 02 May 2026 05:09 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता / नई दिल्ली

सार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। मतगणना के दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षकी की तैनाती पर सत्ता पक्ष ने चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए हैं, इसी बीच कपिल सिब्बल ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतगणना केंद्र पर राज्य सरकार का कर्मचारी होना जरूरी है। इसी बीच फाल्टा में टीएमसी की धमकी को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया है।
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मतगणना पर बोले कपिल सिब्बल; ग्रामीणों का प्रदर्शन - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में चुनाव की पारदर्शिता को लेकर वरिष्ठ वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वोटों की गिनती के दौरान हर टेबल पर राज्य सरकार का एक कर्मचारी होना बहुत जरूरी है, ताकि सभी पार्टियों को बराबरी का मौका मिल सके। वहीं, दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके के हसिमनगर गांव में शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों का कहना है कि वोटों की गिनती (4 मई) के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
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चुनाव की पारदर्शिता एक बड़ा मुद्दा
कपिल सिब्बल ने कहा है कि वोटों की गिनती के दौरान हर टेबल पर राज्य सरकार का एक कर्मचारी होना बहुत जरूरी है, ताकि सभी पार्टियों को बराबरी का मौका मिल सके। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने साफ कहा कि चुनाव आयोग को यह अधिकार है कि वह तय करे कि गिनती के दौरान कौन कर्मचारी तैनात होंगे। अदालत ने चुनाव आयोग के सर्कुलर को गलत नहीं माना।
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निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी मतगणना- आयोग
चुनाव आयोग का कहना है कि गिनती के दौरान केंद्रीय और राज्य, दोनों तरह के कर्मचारियों की मौजूदगी रहेगी। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी। कपिल सिब्बल का कहना है कि अगर हर टेबल पर राज्य सरकार का कर्मचारी भी रहेगा, तो किसी भी राजनीतिक पक्ष को पक्षपात का डर नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होती है, तो गड़बड़ी की आशंका नहीं होनी चाहिए।

टीएमसी उम्मीदवार के समर्थकों पर धमकाने का आरोप
उधर, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पंचायत प्रधान इसराफिल, जो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी बताए जा रहे हैं, उनके समर्थकों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। भाजपा महिला मोर्चा की एक कार्यकर्ता फातिमा बीबी ने कहा कि 30 अप्रैल से लगातार कुछ लोग गांव में आकर धमकी दे रहे हैं कि 5 मई के बाद खून-खराबा होगा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की तैनाती लगातार बनी रहे।
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जहांगीर खान ने आरोपों को किया खारिज
स्थिति को देखते हुए सीआरपीएफ के अधिकारी बड़ी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। वहीं चुनाव आयोग ने भी पूरे मामले पर जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। दूसरी तरफ, टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन भाजपा द्वारा करवाया गया है, ताकि चुनाव से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं को फंसाया जा सके और उनके समर्थकों का मनोबल गिराया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरोप साबित होते हैं तो वे कानून का सामना करने को तैयार हैं।

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