संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। दरअसल संसद में सरकार और विपक्ष के बीच सदन में लगातार तनातनी बनी है। छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले पर चर्चा की मांग कर रहा है। ऐसे में यह मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है? क्या संसद की कार्यवाही सुचारु होगी या टकराव और बढ़ेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। विपक्ष छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले को लेकर सरकार को घेर रहा है। इसी बीच शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। संसद में जारी गतिरोध के बीच हुई इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई।
अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष की मुलाकात क्यों हुई?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करीब एक घंटे तक बैठक की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष की मांग है कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री सदन में जवाब दें। संसद में गतिरोध खत्म करने की संभावनाओं के बीच इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी रहीं।
विपक्ष का कहना है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग कर रहा है। इसी के साथ राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले पर भी चर्चा कराने की मांग की जा रही है। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार लोकसभा की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
संसद में गतिरोध का असर क्या पड़ रहा है?
संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने से सदन का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। सरकार विधायी कार्य आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि विपक्ष पहले अपनी मांगों पर चर्चा चाहता है। ऐसे में संसद के दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने से गतिरोध लगातार बना हुआ है।
अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष की मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि संसद का गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार विकल्प तलाश रही है। हालांकि बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं और क्या सदन की कार्यवाही सामान्य हो पाएगी।