Akbaruddin Owaisi On Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर में एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य की पार्टियां विचारधारा छोड़कर सिर्फ सत्ता की राजनीति कर रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्ग आज भी हाशिये पर क्यों हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में अब न कोई विचारधारा बची है और न ही किसी दल की वैचारिक प्रतिबद्धता। सभी पार्टियों का एक ही लक्ष्य रह गया है, सत्ता हासिल करना। नगर निकाय चुनाव से पहले दिए गए इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
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छत्रपति संभाजीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता के लिए पार्टियां बार-बार गठबंधन बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि कभी शिवसेना कांग्रेस और शरद पवार के साथ जाती है, तो कभी अजित पवार भाजपा के साथ खड़े हो जाते हैं। बाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना टूटकर भाजपा के साथ सरकार बना लेती है। ओवैसी के मुताबिक इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि अब न सेक्युलरिज्म बचा है और न ही हिंदुत्व।
विचारधारा के नाम पर क्या सिर्फ सत्ता की राजनीति?
ओवैसी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की सत्ताधारी और विपक्षी दोनों ही पार्टियां विचारधारा छोड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के खेल में आम जनता, खासकर मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्ग के लोग हमेशा हाशिये पर ही रहते हैं। दशकों तक राष्ट्रीय नेताओं को समर्थन देने के बावजूद इन वर्गों की स्थिति नहीं सुधरी।
मुस्लिम और पिछड़े वर्ग की स्थिति क्या है?
ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय सबसे ज्यादा स्कूल छोड़ने वालों में शामिल है।
शिक्षा, रोजगार और विकास के हर क्षेत्र में मुस्लिम पीछे हैं।
जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक सरकारों को समर्थन मिला।
एआईएमआईएम किसके लिए लड़ रही है?
ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम सिर्फ मुसलमानों की नहीं, बल्कि दलितों और पिछड़े वर्गों की भी आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह देश उतना ही उन लोगों का है जो टोपी पहनते हैं, जितना उनका जो माथे पर तिलक लगाते हैं। खुद को भारतीय और मुसलमान बताते हुए ओवैसी ने कहा कि उन्हें अपनी पहचान पर गर्व है, लेकिन मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार और खराब हालात चिंता का विषय हैं।
मराठवाड़ा को लेकर क्या बोले ओवैसी?
ओवैसी ने कहा कि सिर्फ मराठा समाज ही नहीं, पूरा मराठवाड़ा पिछड़ा हुआ है। उन्होंने मराठा समुदाय और आंदोलनकारी मनोज जरांगे से अपील की कि क्षेत्रीय पिछड़ेपन के खिलाफ सभी समुदायों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए। ओवैसी के अनुसार जब तक क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक हालात नहीं बदलेंगे।