देश के कई हवाई अड्डों पर अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। चेक-इन सिस्टम ठप होने से कई एयरपोर्ट्स पर काउंटरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को अपनी उड़ान पकड़ने के लिए अतिरिक्त समय देना पड़ा। स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई यात्रियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। हालांकि कुछ घंटों की बाधा के बाद एयर इंडिया ने बड़ा अपडेट जारी करते हुए बताया कि तकनीकी दिक्कत पैदा करने वाला थर्ड-पार्टी सिस्टम पूरी तरह ठीक कर दिया गया है। कंपनी के अनुसार अब सभी हवाई अड्डों पर चेक-इन प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है और कोई देरी नहीं हो रही है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी उड़ानें अपने निर्धारित समय पर संचालित की जा रही हैं और यात्रियों को अब बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है।
जानिए किस वजह से ये परेशानी आई थी
वहीं इसे लेकर पहले एअर इंडिया ने एक्स पर कहा था कि यह समस्या थर्ड-पार्टी सिस्टम में आई खराबी के कारण हुई है, जिससे चेक-इन प्रक्रिया धीमी हो गई। हालांकि अब सिस्टम धीरे-धीरे ठीक हो रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अभी थोड़ा समय लग सकता है।
यात्रियों से अपील से एअर इंडिया ने की अपील
इसके साथ एअर इंडिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी उड़ान की स्थिति (फ्लाइट स्टेटस) जरूर जांच लें। एयरलाइंस ने यात्रियों से कहा कि अपनी यात्रा के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलें, ताकि असुविधा न हो। एयरलाइन ने यात्रियों का धैर्य और समझदारी के लिए आभार जताया है।
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नवंबर महीने में जीपीएस स्पूफिंग की समस्या
इससे पहले नवंबर महीने की शुरुआत में भी हवाई सेवाओं के संचालन पर बड़ा असर पड़ा था। दिल्ली हवाई अड्डे पर करीब 800 उड़ानें प्रभावित हुईं थी। इस दौरान एटीसी की तरफ से ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में खराबी बताया गया था। लेकिन इसे लेकर केंद्र सरकार ने संसद में एक लिखित बयान में स्वीकार किया है कि दिल्ली समेत देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर जीपीएस स्पूफिंग की समस्या हुई थी, यानी इन सभी हवाई अड्डों पर आने और यहां से उड़ान भरने वाले विमान जीपीएस स्पूफिंग का शिकार हुए हैं।