गूदे से खून निकला के कारण केवल बवासीर नहीं, बल्कि यह अल्सर होने के लक्षण भी हो सकते हैं। वहीं इस बीमारी का समय पर उपचार न किया जाए, तो यह आगे चलकर चौथे स्टेज का अल्सर और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का रूप ले सकती है। ऐसे ही चार मामले आयुर्वेदिक अस्पताल में सामने आए हैं, जहां मरीज दो से तीन साल से लेकर बवासीर की दवा खा रहे थे।
दवा के आराम न मिलने और बीमारी के कारण अधिक दर्द होने पर मरीज अस्पताल में ऑपरेशन करवाने के लिए पहुंचे। वहां जांच में पता चला कि उन्हें बवासीर नहीं, बल्कि अल्सर की बीमारी है। वहीं तीन वर्षों से उपचार न करवाने पर वह अल्सर चौथे स्टेज तक पहुंच गया था। अस्पताल में उन मरीजों का ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद अब उन्हें आराम मिल रहा है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में पैरा सर्जिकल शिविर का आयोजन किया गया। इसी शिविर के दौरान यह मामले सामने आए हैं।
गुदा रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. जितेश बंसल ने बताया कि मरीज गुदा से खून निकले पर उसे अकसर बवासीर समझ कर दवाएं खाना शुरू कर देते हैं। वहीं यदि वह अल्सर हुआ तो समय के साथ वह गंभीर रूप ले लेता है, जिससे मरीज का चलना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं समय पर उपचार न करवाने पर वह कैंसर का रूप भी ले सकता है। बताया कि रोजाना उनके पास गुदा से खून निकलने की शिकायत लेकर 5 से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं इसका मुख्य कारण अब फास्टफूड व अधिक चटपटा खाना बन रहा है। बताया कि उनके पास अभी 16 और ऐसे मरीज है, जो अल्सर की बीमारी से जूझ रहे हैं। कहा कि उनका भी ऑपरेशन कर उपचार किया जाएगा।
अस्पताल में प्रतिमाह मरीजों के लिए पैरा सर्जिकल शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बवासीर और अल्सर जैसी कई बीमारियों का दर्द रहित ऑपरेशन कर उपचार किया जा रहा है। इस दौरान ऐसे मरीज भी सामने आए, जो बवासीर की शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन जांच के बाद स्टेज चार के अल्सर की बीमारी निकली। उनका भी उपचार कर दिया गया है। युवाओं को अधिक चटपटे खाने से परहेज करना चाहिए। - डॉ. अनिता गौतम,प्रभारी, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल, सोलन