शिक्षा विभाग करेगा स्कूलों का औचक निरीक्षण, पीटीएम की बैठकों के रिकॉर्ड की भी होगी जांच
जिन स्कूलों में पीटीएम गठित नहीं हुई, उन पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के निजी स्कूल अब अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। यदि किसी स्कूल ने बिना अभिभावक-शिक्षक एसोसिएशन (पीटीए) की सहमति से फीस बढ़ाई और अभिभावक इसकी शिकायत शिक्षा विभाग को देते हैं, तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग स्कूलों का निरीक्षण कर फीस बढ़ाने की प्रक्रिया और अभिभावक-शिक्षक मीटिंग (पीटीएम) का रिकॉर्ड भी जांचेगा। जिन स्कूलों ने पीटीए गठित नहीं की, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों का निरीक्षण खंड स्तर की टीमें करेंगी। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधनों को पीटीए गठित करने और फीस बढ़ाने में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग ने अमर उजाला की ओर से उठाए गए अभिभावकों के मुद्दे के बाद यह कदम उठाया है।
निजी स्कूलों में जांच का तरीका
विभाग की टीमें स्कूलों में जाकर प्रबंधन या संचालकों से एक फॉर्म भरवाएंगी। इसमें स्कूल में पिछले तीन साल में फीस की रूपरेखा, फीस बढ़ाने का आधार, कितनी बढ़ाई गई, किताबें और वर्दी कहां से खरीदी जाती हैं जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि क्या अभिभावकों को किसी खास दुकानदार से सामान लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है। साथ ही टीमें यह भी जांचेंगी कि स्कूल में अध्यापक-अभिभावक एसोसिएशन (पीटीए) है या नहीं, और इसकी बैठकें कब-कब होती हैं। अगर फीस बढ़ाई गई है, तो अध्यापकों का वेतन बढ़ाया गया या नहीं, इस पर भी रिकॉर्ड लिया जाएगा
कोट
पीटीए की सहमति के बिना स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकते। सभी स्कूलों में पीटीए का गठन अनिवार्य है। स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसमें सुविधाओं के साथ फीस स्ट्रक्चर की भी जांच होगी।
मोहिंद्र चंद पिरटा,शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक,सोलन