इससे पूर्व उनका पार्थिव शरीर सुबह 6 बजे जम्मू के कठुआ से एंबुलेंस में उनके पैतृक गांव पहुंचा। सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर केएवी कोलिन व मुख्य आरक्षी धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंचे जवानों ने अंतिम सलामी दी। सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह कठुआ के बसोहली स्थित माशका गांव में एक हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे। आरोप है कि क्यूआरटी (बी शिफ्ट) के हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह (निवासी बिहार) ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध 18 राउंड फायरिंग कर दी। इस घटना में लक्ष्मण सिंह के अलावा असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार की भी जान चली गई।
अंतिम संस्कार के दौरान नागरिक प्रशासन की ओर से तहसीलदार रामशहर अभिषेक सिंह ठाकुर व नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। पुलिस विभाग की ओर से रामशहर के एसआई बलवीर सिंह और हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में 10 सिपाहियों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान बीबीएन पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष शिवलाल वर्मा, उपाध्यक्ष कमल कुमार, सूबेदार तारा सिंह, सूबेदार मदन लाल, मोहिंद्र सिंह, भगत सिंह, हवलदार मेहर सिंह, राजेंद्र सिंह, श्याम लाल, नायक अमर सिंह, सिपाही तारा सिंह, चिल्लड़ के पूर्व प्रधान मदन लाल, जिला परिषद सदस्य सतीश कुमार, भाजपा नेता राजेंद्र ठाकुर, नवयुवक मंडल लूणा के प्रधान उमेद सिंह और सचिव गुलशन ठाकुर सहित सैकड़ों स्थानीय लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।