बताया गया है कि तीनों युवक आपस में दोस्त थे और पांवटा साहिब में कामकाज से जुड़े हुए थे। तरसेम सिंह की पांवटा साहिब में दुकान थी। सोनू सिवाच जिम ट्रेनर के रूप में काम करते थे, जबकि अमित सहरावत एक फैक्टरी में कार्यरत थे।
राहगीर ने पुलिस को दी सूचना
जानकारी के अनुसार कमरऊ-खजियार निवासी अनिल चौहान रात करीब 11 बजे यमुना पुल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पुल के बीचोंबीच दुर्घटनाग्रस्त कार देखी। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से राहत कार्य शुरू किया। कार में फंसे तीनों युवकों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।