हिंसा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार नाहन उपेंद्र चौहान की किराये की गाड़ी पर भी पत्थर बरसाए गए। इसके अलावा घटनास्थल पर खड़ी दर्जनों गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा है। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ पर पानी की बोछार करनी पड़ी।
शाम करीब चार बजे पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को घटनास्थल से दूर कर स्थिति शांत करवा दी थी, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद साढ़े पांच बजे फिर विवाद भड़क उठा। दोनों ओर से दोबारा पत्थरबाजी शुरू होने पर पुलिस ने लाठियां भांजते हुए दोनों पक्षों के लोगों को मौके से खदेड़ा। इस दौरान पुलिस बल पर भी पत्थर फेंके गए। घटना के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं और शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही।