सैंज घाटी के देव स्थल गढ़ कोट शहूंला कंढा में पहुंचे वेवता ब्रह़मा, माता महामाई, देवता कड़ा छमा
लारजी (कुल्लू)। सैंज घाटी में 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित देवस्थल गढ़ कोट शहूंला कंढा में पांच देवी-देवताओं ने मिलकर एक साथ परंपराओं का निर्वहन किया। सृष्टि के रचयिता देवता ब्रह्मा और माता महामाई सोमवार को कनौन स्थित अपने देवालय से हारियानों के साथ देव स्थल के लिए निकले। यात्रा सुबह 9 बजे शुरू हुई और 20 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर अपराह्न 03:30 बजे देवी-देवता सैकड़ों हारियानों के साथ गढ़ कोट शहूंला कंढा पहुंचे।
वहीं, बंजार घाटी के कोटला के देवता बड़ा छमांहू, लौल के देवता महाऋषि पराशर, डोघर के देवता महाऋषि पराशर के साथ भगवान ब्रह्मा और माता महामाई का देवमिलन हुआ। कारदार भिमी राम, हुकम सिंह, पुजारी वेद शर्मा, गूर जगत राम और रोशन लाल ने कहा कि देवता ब्रह्मा ने तीन सालों के बाद देवस्थल गढ़ कोट शहूंला कंढा जाने का आदेश दिया। कारकूनों और हारियानों ने देव आदेश को सर्वोपरि मानकर यह दौरा शुरू किया। कहा कि क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए देवता देव स्थल गढ़ कोट शहूंला कंढा जाते हैं। संवाद