भुंतर (कुल्लू)। गड़सा घाटी की पारली पंचायत के राउली, उशग और बुगा क्षेत्र के लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचना जोखिम भरा बन गया है। क्षेत्र में करीब 20 घर हैं। 7 जुलाई को राउली नाला में आई बाढ़ के चलते पैदल पुल बह जाने से संपर्क कट गया है। इससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, किसानों, बागवानों और मरीजों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत पारली की प्रधान किरना ठाकुर, उपप्रधान अर्जुन देव तथा वार्ड सदस्य सालिग राम, पूर्ण चंद, लता देवी और फूला देवी का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। प्रशासन ग्रामीणों के लिए नाले को आरपार करवाने की वैकल्पिक व्यवस्था जल्द करे। ग्रामीणों छपे राम, तारा चंद, नरेंद्र कुमार, वेद राम, गोपाल, भीम राज, नीरज ठाकुर आदि ने कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनके लिए कोई विकल्प नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि राउली पुल 2025 की आपदा के दौरान भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इस बार बह गया है। लोगों का कहना है कि बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यही पुल एकमात्र आवागमन का साधन था। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए उचित कदम उठाए जाएं। तहसीलदार भुंतर नितीश ठाकुर ने बताया कि समस्या प्रशासन के ध्यान में है। संबंधित विभागों को इसका निरीक्षण करने का आदेश दिया है ताकि लोगों की सुविधा के लिए विकल्प दिया जा सके।
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