कार्यकर्ता की मौत और महीनों से वेतन नहीं मिलने से नाराज वर्करों ने किया प्रदर्शन
ड्यूटी के दौरान मृत आंगनबाड़ी वर्कर के परिजनों को 50 लाख मुआवजा देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। ड्यूटी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत और महीनों से वेतन नहीं मिलने से नाराज आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन (सीटू) ने सरकार और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। बुधवार को यूनियन की ब्लॉक इकाई बंजार ने सीडीपीओ कार्यालय बंजार के बाहर नारेबाजी की।
यूनियन की प्रधान शशि किरण और सचिव डूरामणी ने कहा कि मंडी जिले के टारना वृत्त में 22 दिसंबर 2025 को पल्स पोलियो अभियान के दौरान गिरने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मौत ने पूरे प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को झकझोर दिया है। उन्होंने इसे सरकार की असंवेदनशीलता, विभागीय लापरवाही और संस्थागत शोषण का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बेहद कम मानदेय पर पल्स पोलियो, बीएलओ ड्यूटी, फेस ट्रैकिंग, घर-घर सर्वे जैसे जोखिमपूर्ण बहु-विभागीय कार्य कराए जाते हैं लेकिन दुर्घटना या मृत्यु होने पर सरकार जिम्मेदारी लेने से बचती है। इससे पहले कुल्लू के सैंज क्षेत्र और जून 2024 में चंबा जिले में मीटिंग के लिए जाते समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरला और श्रेष्टा की मौत भी इसी लापरवाह व्यवस्था का नतीजा थीं।
यूनियन ने मांग की है कि ड्यूटी के दौरान मृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा के परिजनों को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। पूर्व में ड्यूटी के दौरान मृत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित मुआवजा दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दुर्घटना बीमा, जोखिम भत्ता और सामाजिक सुरक्षा दी जाए। पिछले चार महीनों से लंबित केंद्र का वेतन और दिसंबर का राज्य का वेतन तुरंत जारी किया जाए। भविष्य में वेतन एकमुश्त और समय पर दिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र इन मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान यूनियन की मथुरा, चिंता, बबीता, सुरमा, जयवंती, हीरा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।