फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: केसीसी बैंक में न स्थायी एमडी और न बीओडी, प्रशासक भी हुए सेवानिवृत्त

विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मशाला। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रशासक एवं मंडलायुक्त कांगड़ा विनोद कुमार शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही मंडलायुक्त के साथ-साथ बैंक में प्रशासक का पद भी रिक्त हो गया है। प्रदेश सरकार ने 12 सितंबर 2025 में बैंक के निदेशक मंडल (बीओडी) को निलंबित कर मंडलायुक्त को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी थी। बिगड़ती प्रशासनिक स्थिति, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और नाबार्ड के कानूनी दिशा-निर्देशों की अनदेखी पर रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी ने यह कार्रवाई की थी। इसके चलते पिछले लगभग पांच माह से मंडलायुक्त ही बैंक का कार्यभार संभाल रहे थे। हालांकि, उनकी सेवानिवृत्ति के बाद शनिवार देर शाम तक सरकार की ओर से नए प्रशासक की नियुक्ति नहीं की गई।
विज्ञापन

बैंक में प्रबंध निदेशक (एमडी) का पद भी लंबे समय से खाली है। फिलहाल, नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त जफर इकबाल को बैंक के एमडी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वर्तमान में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की प्रदेश के पांच जिलों में 216 शाखाएं कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का लेनदेन होता है। बैंक में लगभग सवा लाख उपभोक्ताओं की जमा राशि सुरक्षित है। ऐसे में बीओडी, प्रशासक और प्रबंध निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों के रिक्त रहने से बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा बैंक में डीजीएम सहित विभिन्न श्रेणियों के 100 से अधिक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक बोझ और दबाव भी बढ़ता जा रहा है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा का कहना है कि सरकार को जल्द बैंक के निदेशक मंडल का गठन करना चाहिए और स्थायी प्रबंध निदेशक की नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें