हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के कार्यालय को शिमला से धर्मशाला (कांगड़ा) स्थानांतरित करने के राज्य सरकार के फैसले पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने रेरा दफ्तर को शिमला से कांगड़ा शिफ्ट करने वाले आदेश पर अंतिम रोक को बरकरार रखा है। सुनवाई में कोर्ट को बताया गया कि हिमाचल प्रदेश में रेरा के तहत पंजीकृत कुल प्रोजेक्ट्स में से 80 फीसदी प्रोजेक्ट्स केवल सोलन, शिमला और सिरमौर जिले में ही हैं। इसके विपरीत कांगड़ा जिले में केवल 20 प्रोजेक्ट्स पंजीकृत हैं। सरकार की ओर से दायर जवाब में यह सामने आया कि रेरा में कुल 43 स्वीकृत पदों के मुकाबले 36 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें से भी 19 कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्यरत हैं।