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Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में कई जगह बनी सूखे जैसी स्थिति, बर्फबारी को लेकर आई ये अपडेट; फटाफट जानें

Wed, 24 Dec 2025 01:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Himachal Weather: हिमाचल में काफी समय लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्यटक भी बर्फबारी होने की उम्मीद में प्रदेश का रुख कर रहे हैं लेकिन यहां स्थिति कुछ और ही बन रही है। लंबे समय से बारिश न होने से फसलों के खराब होने की संभावना बढ़ चुकी है। पढ़ें पूरी खबर...
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मौसम अपडेट (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश से बारिश-बर्फबारी मानो रूठ गई है। आधे से ज्यादा दिसंबर भी गुजर गया, लेकिन मौसम शुष्क बना हुआ है। शुष्क मौसम के बीच शिमला से ज्यादा ठंडे सोलन, मंडी और ऊना जैसे शहर हो गए हैं। सोमवार रात और मंगलवार को न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
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हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 28 और 29 दिसंबर को प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी के आसार हैं। पूर्वानुमान के अनुसार लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिलों के ऊपरी हिस्सों में हिमपात हो सकता है। हालांकि इससे पहले और बाद के दिनों में अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शिमला का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोलन में यह 5.6, मंडी में 5.8 और ऊना में 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली में 3.7, भुंतर में 4.0 और सुंदरनगर में 5.1 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य में सबसे ठंडा स्थान एक बार फिर लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान -5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कल्पा में 0.4 डिग्री, नारकंडा में 3.3 और रिकांगपिओ में 3.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। औसतन न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अधिकांश स्टेशनों पर तापमान सामान्य से ऊपर ही बना हुआ है।

प्रदेश में कई जगह बनी सूखे जैसी स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शिमला सहित मध्य पर्वतीय इलाकों में अगले चार दिन तक मौसम शुष्क बना रहेगा। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बन गई है। इससे जल स्रोतों और कृषि पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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आसमान निहार रहे किसान-बागवान और पर्यटक
बारिश और बर्फबारी की उम्मीद में किसान-बागवान लगातार आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, ताकि रबी फसलों और फलदार पौधों को राहत मिल सके। वहीं, पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग और पर्यटक भी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं।
 
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