पंचायत में पूरी रात चली मतगणना के बाद बुधवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे पोलिंग पार्टी ने नतीजों की घोषणा की। इसमें इकबाल सिंह को 1,331 और विजय कुमार को 1,323 वोट मिले। महज आठ वोटों से इकबाल सिंह को विजयी घोषित किए जाने के बाद विजय कुमार के समर्थक भड़क उठे। उन्होंने पूरी चुनावी टीम को कमरे में बंद कर दिया। ग्रामीणों की ओर से पोलिंग पार्टी को कमरे में बंद करने की सूचना मिलते ही सुबह तहसीलदार प्रकाश चंद और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पारुल कटियार अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। इस दौरान विजय के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस बल भी समर्थकों को शांत करवाने में असफल रहा। इसके बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मतपेटियों और पोलिंग पार्टी को सुरक्षित कांगड़ा पहुंचाया गया। इस दौरान सड़कों पर उमड़ी भीड़ के कारण मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। ग्रामीण इस चुनाव को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
प्रधान पद के प्रत्याशी विजय कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी और उनकी टीम ने मतों की गड़बड़ी के बावजूद अपनी मर्जी से रिजल्ट घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि जब उपप्रधान पद के लिए 2,751 मतदाताओं ने वोट डाले तो प्रधान पद के लिए भी बराबर ही बैलेट पेपर बांटे गए थे। ऐसे में गिनती के दौरान 33 वोट कम निकलना बड़ी धांधली की ओर इशारा करता है। विजय ने इस चुनाव को अदालत में चुनौती देने की बात कही है।
विकास खंड कांगड़ा के ही खोली पंचायत घर में भी मंगलवार देर रात मतगणना के दौरान कुछ शरारती तत्वों के अंदर घुसने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यहां भी बुधवार सुबह पांच बजे पंचायत प्रधान और उप प्रधान पदों का नतीजा घोषित हो सका।
एसडीएम कांगड़ा ईशांत जसवाल ने कहा कि झिकली इच्छी पंचायत में 33 वोट गायब होने की शिकायत मिली है। यदि प्रत्याशी को लगता है कि चुनाव प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है तो वह नियमानुसार हमारी अदालत में चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं।