मुख्यमंत्री कार्यालय और ऊर्जा विभाग को विभिन्न जिलों से कई तरह के सुझाव व आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। खासकर संयुक्त परिवारों, बहुमंजिला घरों और अलग-अलग यूनिटों में रहने वाले सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था कि दो मीटरों की सीमा वास्तविक जरूरतों को पूरा नहीं करती। इस पर सरकार ने बोर्ड को प्रस्ताव में संशोधन कर व्यावहारिक समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सब्सिडी का उद्देश्य केवल वास्तविक घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ देना है। कई स्थानों से इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग आवासीय मीटरों को व्यावसायिक प्रयोजनों में उपयोग कर राहत का अनुचित लाभ उठा रहे हैं।
संशोधित प्रस्ताव में इस दुरुपयोग को रोकने के लिए विभिन्न तकनीकी और उपभोक्ता स्तरीय सत्यापन तंत्र शामिल किए जाएंगे। हिमाचल में बड़ी संख्या में परिवार बहुमंजिला मकानों में अलग-अलग यूनिट बनाकर रहते हैं, जिनमें अलग-अलग मीटर लगे हैं। इन परिवारों द्वारा सरकार से लगातार आग्रह किया जा रहा था कि मीटरों पर सब्सिडी की सीमा बढ़ाई जाए ताकि सभी सदस्य इसका लाभ ले सकें। नई व्यवस्था लागू होने पर ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।