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हिमाचल प्रदेश: भर्ती परीक्षा में नकल करने व करवाने वालों को होगी दस साल तक कैद, एक करोड़ जुर्माना

Fri, 28 Nov 2025 09:47 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की मंजूरी के बाद लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम 2025 लागू हो गया है। हिमाचल में अब भर्ती परीक्षा में नकल करने और करवाने वालों को कम से कम पांच और अधिकतम दस साल की कैद और एक करोड़ का जुर्माना होगा। पढ़ें पूरी खबर...
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डिजाइन फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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हिमाचल में अब भर्ती परीक्षा में नकल करने और करवाने वालों को कम से कम पांच और अधिकतम दस साल की कैद और एक करोड़ का जुर्माना होगा। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की मंजूरी के बाद लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम 2025 लागू हो गया है। विधानसभा के मानसून सत्र में यह विधेयक पारित हुआ था। इसके तहत इस अपराध को गैर जमानती और संज्ञेय बनाया गया है। शुक्रवार को राजपत्र में विधि विभाग की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी की गई।

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नए कानून में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई सेवा प्रदाता नकल करवाने में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और परीक्षा का पूरा खर्च भी उसी से वसूला जाएगा। उसे चार साल तक किसी भी परीक्षा का संचालन करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर सेवा प्रदाता कंपनी के निदेशक या अन्य कर्मियों को तीन से 10 साल तक की सजा हो सकती है। ऐसे मामलों की पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी जांच करेंगे। सरकार किसी भी जांच एजेंसी को जांच के लिए मामला सौंप सकेगी। सरकार ने पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग किया था। अब आयोग का नए सिरे से गठन किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल के कई मामले सामने आए हैं।

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