याचिका में मांग की गई है कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की देखरेख में की जाए। याचिका ने पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत को बताया गया कि राजस्व सचिव रहते उन्होंने प्रोजेक्ट निर्माताओं के पक्ष में गैरकानूनी निर्णय लिए जिसकी एवज में उन्होंने प्रोजेक्ट निर्माताओं से करोड़ों की भूमि नाममात्र दाम चुका कर खरीदी। जनहित याचिका में हिमाचल प्रदेश सरकार में सचिव (गृह) राजस्व सचिव, उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला, नगर आयुक्त, सोलन, नगर निगम सोलन, उप मंडल अधिकारी सोलन और मैसर्ज एन जी एस्टेट चेस्टर हिल को प्रतिवादी बनाया है।
मामले की अगली सुनवाई एक अन्य जनहित याचिका के साथ 22 जुलाई को होगी। उल्लेखनीय है कि इन्हीं आरोपों को लेकर एक अन्य याचिका भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है जिसमें याचिकाकर्ता अधिवक्ता विनय शर्मा ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उस याचिका में याचिकाकर्ता ने चेस्टर हिल हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में बेनामी संपतियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।