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हिमाचल: 600 रुपये के मॉडल से सटीक निशाने की तकनीक, एनआईटी हमीरपुर के छात्रों ने दिखाया स्वदेशी विकल्प

Mon, 14 Sep 2026 02:38 PM IST
Ankesh Dogra कमलेश रतन भारद्वाज, हमीरपुर।

सार

एनआईटी हमीरपुर के छात्रों ने महंगी विदेशी गाइडेड आर्टिलरी तकनीक का कम लागत वाला स्वदेशी विकल्प तैयार किया है। करीब 600 रुपये के मॉडल से प्रयोगशाला में तकनीक का परीक्षण किया गया। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 में टीम को संस्थान स्तर पर पहला स्थान मिला।
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एनआईटी की स्टूडेंट की ओर से तैयार किया गया प्रोटोटाइप। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली महंगी विदेशी तकनीक का सस्ता स्वदेशी विकल्प तैयार करने की दिशा में एनआईटी हमीरपुर के छात्रों ने अहम शोध किया है। छात्रों ने कम लागत वाली प्रिसिजन गाइडेड किट का मॉडल तैयार किया है, जो तोप के गोलों को लक्ष्य पर सटीकता से दागने में मदद कर सकती है। यह तकनीक बिना मार्गदर्शन वाले गोले अथवा ग्रेविटी बम को सटीक निशाना लगाने वाले स्मार्ट हथियारों में बदल देती है।

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भारत में यह तकनीक अमेरिका सहित अन्य देशों से आयात की जा रही है। आयातित गाइडेड आर्टलरी किट की कीमत करीब 70 लाख रुपये प्रति गोला बताई जाती है, जबकि छात्रों ने करीब 600 रुपये के मॉडल से इसका प्रयोगशाला में परीक्षण किया है। सैन्य स्तर का संस्करण करीब दो लाख रुपये में तैयार होने का दावा किया गया है। 600 रुपये के परीक्षण मॉडल से तकनीक की अवधारणा और गणितीय मॉडल का प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया।
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इसमें 3डी प्रिंटेड हिस्सा, सेंसर, माइक्रो सर्वो और ईएसपी-32 बोर्ड का इस्तेमाल किया गया। यह प्रणाली इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के बजाय एडवांस्ड एंबेडेड सिस्टम्स और गाइडेंस, नेविगेशन एंड कंट्रोल (जीएनएस) एल्गोरिदम पर काम करती है। विदेशी जीपीएस के बजाय यह भारत के अपने उपग्रह नेविगेशन सिस्टम नाविक और एंटी-जैमिंग हार्डवेयर पर काम करेगी।

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एक ही गोले में निशाना तबाह, कीमत 35 गुना कम
छात्रों का कहना है कि पारंपरिक गोलों से किसी लक्ष्य को भेदने के लिए औसतन 50 गोले दागने पड़ते हैं। स्मार्ट गाइडेड किट लगने के बाद केवल एक गोला ही सटीक वार करके लक्ष्य को पूरी तरह तबाह कर देगा। इससे सेना के गोला-बारूद और परिवहन खर्च में बचत होगी। अमेरिका की एक्सकैलिबर जैसी विदेशी मार्गदर्शन किट की कीमत करीब 70 लाख रुपये प्रति गोला बताई जाती। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन-2026 के संस्थान स्तर पर एनआईटी की टीम ‘वेक्टर विक्टिम्स’ के इस प्रोजेक्ट को प्रथम स्थान मिला। 

संस्थान के हर विभाग में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए हैकाथॉन जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों को मंच मिल रहे है। उम्मीद है विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे। -एचएम सूर्यवंशी, निदेशक, एनआईटी हमीरपुर
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