एनआईटी की स्टूडेंट की ओर से तैयार किया गया प्रोटोटाइप।
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रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली महंगी विदेशी तकनीक का सस्ता स्वदेशी विकल्प तैयार करने की दिशा में एनआईटी हमीरपुर के छात्रों ने अहम शोध किया है। छात्रों ने कम लागत वाली प्रिसिजन गाइडेड किट का मॉडल तैयार किया है, जो तोप के गोलों को लक्ष्य पर सटीकता से दागने में मदद कर सकती है। यह तकनीक बिना मार्गदर्शन वाले गोले अथवा ग्रेविटी बम को सटीक निशाना लगाने वाले स्मार्ट हथियारों में बदल देती है।
भारत में यह तकनीक अमेरिका सहित अन्य देशों से आयात की जा रही है। आयातित गाइडेड आर्टलरी किट की कीमत करीब 70 लाख रुपये प्रति गोला बताई जाती है, जबकि छात्रों ने करीब 600 रुपये के मॉडल से इसका प्रयोगशाला में परीक्षण किया है। सैन्य स्तर का संस्करण करीब दो लाख रुपये में तैयार होने का दावा किया गया है। 600 रुपये के परीक्षण मॉडल से तकनीक की अवधारणा और गणितीय मॉडल का प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया।
इसमें 3डी प्रिंटेड हिस्सा, सेंसर, माइक्रो सर्वो और ईएसपी-32 बोर्ड का इस्तेमाल किया गया। यह प्रणाली इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के बजाय एडवांस्ड एंबेडेड सिस्टम्स और गाइडेंस, नेविगेशन एंड कंट्रोल (जीएनएस) एल्गोरिदम पर काम करती है। विदेशी जीपीएस के बजाय यह भारत के अपने उपग्रह नेविगेशन सिस्टम नाविक और एंटी-जैमिंग हार्डवेयर पर काम करेगी।