जिले के 67 स्कूलों में लगेंगे बूस्ट प्रशिक्षण शिविर
कंप्यूटर कोडिंग, रोबोटिक और एआई तकनीक का दिया जाएगा ज्ञान
प्रवीणता परीक्षा के बाद निजी कंपनी विद्यार्थियों को प्रदान कर रही कोचिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलेभर के 67 स्कूलों में बूस्ट प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को कंप्यूटर कोडिंग, रोबोटिक और एआई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने नई समयसारिणी निर्धारित कर दी है।
पहले विद्यार्थियों को कंपनी की ओर से ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा था, लेकिन अब निर्धारित समयसारिणी के अनुसार ही विद्यार्थी स्कूल स्तर पर कंप्यूटर के माध्यम से प्रशिक्षण लेंगे। कंप्यूटर पर अधिक से अधिक अभ्यास होने के बाद विद्यार्थियों के टेस्ट लिए जाएंगे। स्टेम प्रोजेक्ट के तहत 25 सितंबर को स्कूलों में आयोजित प्रवीणता परीक्षा के बाद स्कूलों में ऑनलाइन बूस्ट प्रशिक्षण शिविर करवाए गए। इन शिविरों में अधिकांश विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी हुई।
ऐसे में अब कंपनी ने स्कूल स्तर पर ऑफलाइन लैब में प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। जिससे विद्यार्थियों को एक साथ लैब में कोचिंग दी जा सकेगी। बूस्ट प्रशिक्षण शिविर 15 दिन तक आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण सत्र के बाद आगामी समय में विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल को सीखने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) पायलट प्रोजेक्ट जिले के 67 स्कूलों में संचालित किया गया है।
सितंबर में ओएमआर शीट पर परीक्षा लेने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से उत्तर कुंजियों को जांच के लिए निदेशालय भेजा गया है। परिणाम के साथ अब प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इससे आगामी शैक्षणिक सत्र तक विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), कंप्यूटर कोडिंग, रोबोटिक और एआर तकनीक के बारे में पूर्ण रूप से ज्ञान होगा।
बाक्स:
यह होगी समयसारिणी
कक्षा
समय
छठी,सातवीं
11:00
11:30
आठवीं
11:35
12:10
नौवीं,दसवीं
2:00
2:35
जमाएक
2:35
3:00
जमा दो
2:35
3:00
कोट
शिक्षा में नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्टेम कार्यक्रम को शुरू किया गया है। प्रथम चरण में स्कूलों में परीक्षा का आयोजन किया गया है। अब विद्यार्थियों के लिए दूसरे चरण में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें पढ़ाई में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
-पूनम, जिला समन्वयक, स्टेम कार्यक्रम, डाइट गौना करौर