ईरान के साथ चल रहा अमेरिका व इजराइल का युद्ध इस समय पूरे विश्व के लिए तनाव बना हुआ है। इंशाअल्लाह यह युद्ध जल्द खत्म होगा और पूरे विश्व में शांति व सुकून मिलेगा। शनिवार को मेला मैदान दाड़ी में आयोजित धुम्मूशाह मेला की विशेष छिंज में भाग लेने आए साल 2024 में पुरुष वर्ग में 97 किलोग्राम (ग्रीको-रोमन) पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले ईरान मूल के कुश्ती पहलवान मोहम्मद हादी सरवी ने कहे। हादी ने कहा कि वे भारत में करीब 10-15 वर्षों में रह रहे हैं। देश के कोने-कोने के स्थानीय दंगल में भाग ले चुके हैं। यहां हिमाचल में भी वे दंगलों में भाग ले रहे हैं।
हिमाचल की शांति व यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। देश व विश्व में कुश्ती की स्थिति को लेकर उन्होंने बताया कि अब धीरे-धीरे इस खेल में काफी बदलाव आ रहे हैं। पुरुषों के साथ महिलाएं भी इस और बतौर कॅरिअर आगे बढ़ रहे हैं, जिसे देखकर बहुत अच्छा लगता है।
कुश्ती में अपना करियर बनाने वाले भारतीय युवा वर्ग को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को चाहिए कि वे मेहनत करते हुए अच्छे कोचों से प्रशिक्षण लेकर आगे बढ़ें और अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने देश के लिए मेडल जीतकर अपना व भारत का नाम रोशन करें। हिंदी भाषा को लेकर पहलवान सारवी ने कहा कि उन्हें थोड़ी-थोड़ी हिंदी बाेलने आती है और बोलने में भी बहुत अच्छी लगती है।