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चंबा: छात्रा ने उठाई साइंस लैब की मांग, सीएम सुक्खू ने तुरंत दिए तीन करोड़; तीसा स्कूल में बनेंगे आठ नए कमरे

Thu, 05 Nov 2026 01:06 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

चंबा के तीसा स्कूल में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान छात्रा की ओर से विज्ञान प्रयोगशाला की कमी का मुद्दा उठाने पर मुख्यमंत्री ने 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। स्कूल में आठ नए कमरे भी बनाए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...

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छात्रा की मांग पर CM का बड़ा एलान। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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एक छात्रा ने स्कूल में विज्ञान की पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाओं की जरूरत बताई तो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उसे गंभीरता से लिया। चंबा जिले के तीसा स्थित राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने साइंस लैब के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही स्कूल में आठ अतिरिक्त कमरे बनाने का भी एलान किया।

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मुख्यमंत्री के स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहे, बल्कि बच्चों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं और पढ़ाई, भविष्य, शिक्षा व्यवस्था तथा सामाजिक समस्याओं से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
 

छात्रा की बात पर स्कूल को मिली बड़ी सौगात
विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान साइंस की छात्रा इशिका भारद्वाज ने स्कूल में आधुनिक प्रयोगशाला और जरूरी उपकरणों की कमी का विषय उठाया। उसने बताया कि विज्ञान की पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए बेहतर प्रयोगशाला सुविधाएं जरूरी हैं। छात्रा की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने साइंस लैब के लिए 3 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने की घोषणा की। साथ ही स्कूल में आठ अतिरिक्त कमरों के निर्माण की बात भी कही। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री से पूछा, कौन सा विषय पढ़ाना पसंद करेंगे?
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल किए। छात्रा अपेक्षा भारद्वाज ने उनसे पूछा कि यदि उन्हें एक दिन स्कूल में शिक्षक बनने का अवसर मिले तो वह कौन सा विषय पढ़ाना पसंद करेंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने हिंदी विषय के प्रति अपनी रुचि बताई। जीवन के कठिन फैसलों से जुड़े सवाल पर उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि निर्णय लेते समय आत्मविश्वास रखना चाहिए। किसी फैसले का परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो उससे सीख लेकर सुधार करना चाहिए।

चिट्टे के खिलाफ लड़ाई में युवाओं से मांगा सहयोग
बातचीत में नशे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। छात्रा मोनिका ने पूछा कि युवा एंटी ड्रग्स एंबेसडर बनकर समाज को नशे से बचाने में किस तरह भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की लत से प्रभावित युवाओं को इलाज और सहयोग की जरूरत है, जबकि नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि नशे की तस्करी से जुड़ी जानकारी मिलने पर पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दें।

सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर जोर
एक अन्य छात्रा मुस्कान ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल किया। उसने पूछा कि सरकार सरकारी स्कूलों को किस तरह बेहतर बनाएगी, ताकि अभिभावक निजी स्कूलों के बजाय सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नियुक्तियों की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

दूरदराज के विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की मांग
कार्यक्रम में एक छात्र ने स्कूल में लड़कों के लिए छात्रावास बनाने की मांग भी रखी। उसने बताया कि दूरदराज के इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने चुराह क्षेत्र के चार से पांच स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

बच्चों को दिया मेहनत और आत्मविश्वास का मंत्र
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवाल पूछने के तरीके और उनके आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों में अपार संभावनाएं हैं। यही युवा आगे चलकर हिमाचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन बनाए रखने और लगातार मेहनत करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतियां सफलता की राह में आती रहती हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय उनका सामना करना चाहिए।

तीसा स्कूल में हुआ यह संवाद विद्यार्थियों के लिए यादगार रहा। एक ओर उन्हें मुख्यमंत्री से सीधे अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिला, वहीं स्कूल के विकास के लिए साइंस लैब और अतिरिक्त कमरों की घोषणा भी हुई।
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बच्ची ने उठाया अपनी शिक्षक मां की दूरी का मामला, सीएम ने तुरंत किया तबादला
तीसा दाैरे के दाैरान पांचवी कक्षा की बच्ची ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को बताया कि उसकी मां जेबीटी अध्यापिका है और 700 किलोमीटर दूर तैनात है। इस पर सीएम ने तुरंत आदेश जारी किए। अब बच्ची अपनी माता के साथ दुर्गम क्षेत्र में सेवाएं देंगी। बच्चों को परेशानी को दूर किया गया। सीएम ने कहा कि ट्रांसफर के लिए हाल ही में नई कमेटी बनाई है। इसके तहत दूरदराज क्षेत्रों में कई वर्षों सेवाएं दे रहे शिक्षक अब घर के नजदीक सेवाएं देंगे।
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