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हिमाचल: चंबा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में एक बिस्तर पर दो मरीज, महिला-पुरुष को साथ लिटाने पर उठे सवाल

Sun, 20 Sep 2026 11:13 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।

सार

चंबा के पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में एक बिस्तर पर महिला और पुरुष मरीज को साथ लिटाने का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों और तीमारदारों ने मरीजों की निजता और गरिमा को ध्यान में रखते हुए महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग बिस्तरों की व्यवस्था करने की मांग की है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेड कम पड़ जाते हैं और इमरजेंसी वार्ड में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की योजना है।
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मेडिकल कॉलेज के वार्ड में एक बेड पर भर्ती महिला और पुरुष मरीज। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के इमरजेंसी वार्ड का एक वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और बिस्तरों की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में एक ही बिस्तर पर महिला और पुरुष मरीज के लेटे होने का दृश्य दिखाई दे रहा है। यह वीडियो शुक्रवार से सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हो रहा है।

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वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने पर बिस्तरों की कमी की स्थिति पैदा हो सकती है और ऐसी परिस्थिति में एक बिस्तर पर दो मरीजों को रखने की मजबूरी समझी जा सकती है। लेकिन उनका कहना है कि महिला और पुरुष मरीजों को एक ही बिस्तर पर रखना उचित व्यवस्था नहीं मानी जा सकती।

स्थानीय लोगों तिलक सिंह, अमरो राम, केवल, सुरेंद्र, भाग चंद और नरैण सिंह ने कहा कि अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ने के कारण कई बार उपलब्ध बिस्तर कम पड़ सकते हैं। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बीच अस्पताल के सामने कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन मरीजों की निजता और सम्मान का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।
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उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि महिला मरीजों के लिए अलग और पुरुष मरीजों के लिए अलग बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि इससे इलाज के दौरान मरीजों की निजता बनी रहेगी और उन्हें असहज स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तरों की उपलब्धता होनी चाहिए। उनके अनुसार मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया जाना चाहिए।

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मरीज बढ़ने पर कम पड़ जाते हैं बिस्तर
मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कक्ष में कई बार अचानक मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में उपलब्ध बिस्तर कम पड़ने की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी कक्ष में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था होने से मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।

फिलहाल वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग बिस्तरों की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जाए। मामले में सामने आया वीडियो और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था से जुड़ी चिंता को सामने लाती है, जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण बिस्तरों की कमी की बात कही है।
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