टारगेट कंट्रोल्ड इन्फ्यूजन पंप मरीज के खून में दवा के स्तर को लगातार मॉनिटर करेगा, जिससे दवा न कम होगी और न ज्यादा। सटीक मात्रा मिलने से मरीज को ऑपरेशन के बाद जल्दी होश आएगा और रिकवरी का समय कम होगा। एनेस्थीसिया की ओवरडोज से होने वाली उल्टी, जी मिचलाना और याददाश्त संबंधी समस्याएं कम होंगी। संवेदनशील मरीजों के लिए यह तकनीक अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित साबित होगी। मशीन मरीज की उम्र, वजन और लिंग के आधार पर खुद दवा की डोज तय करती है। दवा का स्तर ऊपर-नीचे होने पर तुरंत डॉक्टरों को अलर्ट मिलेगा। सर्जरी के दौरान दी गई दवा का पूरा डाटा सुरक्षित रहता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इन अत्याधुनिक मशीनों के आने से न केवल सर्जरी की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और आराम भी बढ़ेगा।