फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रपति का हिमाचल दौरा: एम्स के पहले बैच के डॉक्टरों से कहा- दुर्गम क्षेत्रों में जाकर लोगों की करें सेवा

Tue, 06 Oct 2026 02:05 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।

सार

एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पेशा केवल आर्थिक उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा की बड़ी जिम्मेदारी भी है। राष्ट्रपति ने एम्स के पहले बैच के डॉक्टरों से हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और संस्थान की मजबूत पहचान बनाने का आह्वान किया।
Register For Event
विज्ञापन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की बढ़ती कीमतों के बीच किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाना स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती है। एम्स जैसे संस्थानों को इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए ऐसे स्वास्थ्य समाधान विकसित करने चाहिए, जो आम लोगों के लिए सुलभ और कम खर्च वाले हों। मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ये बात कहीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने उपाधि प्राप्त करने वाले डॉक्टरों को चिकित्सा पेशे के साथ सेवा भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि केवल आर्थिक उन्नति करनी होती तो कोई दूसरा पेशा चुना जा सकता था, लेकिन चिकित्सा को कॅरिअर के रूप में चुना है तो इसके पीछे सेवा भाव भी होना चाहिए।

विज्ञापन


उन्होंने डॉक्टरों से उन दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों में सेवा देने का आह्वान किया, जहां आमतौर पर चिकित्सक जाने से कतराते हैं। पैसा यहीं रह जाएगा, लेकिन सेवा भावना जीवनभर साथ जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा कि उपाधि प्राप्त करना विद्यार्थियों के लिए गर्व का विषय है, लेकिन इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी है। पहले बैच के विद्यार्थियों के कंधों पर संस्थान की पहचान और विरासत को मजबूत करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे एम्स के ब्रांड को मजबूत बनाएं और देश व समाज की सेवा करें। भविष्य में उनके व्यवहार और कार्यों से संस्थान की प्रतिष्ठा बनेगी। आने वाली पीढ़ियां उनके पदचिह्नों पर चलेंगी।

Trending Videos

बिलासपुर वीरों की धरती, शहीदों को नमन, मां नयना का दिया आशीर्वाद
उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर के विद्यार्थी पहाड़, जंगल और यहां की भौगोलिक परिस्थितियों से परिचित हैं। कई बार डॉक्टर सोचते हैं कि इतने दूर और घने जंगलों में कौन जाएगा। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि एम्स से निकलने वाले चिकित्सक ऐसी जगहों पर सेवा करने से कभी इन्कार नहीं करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा केवल बीमारी की पहचान और उपचार तक सीमित नहीं है। संवेदनशीलता और करुणा मरीज को बीमारी से लड़ने की हिम्मत देगी इसलिए चिकित्सकों को मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए। राष्ट्रपति ने बिलासपुर को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि यहां के वीर सपूतों ने भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में योगदान दिया है। उन्होंने उनके साहस, समर्पण और देश सेवा की भावना को नमन करते हुए देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मां नयना देवी का आशीर्वाद और मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।

एम्स में तीन वर्षों में 12 लाख बाह्य रोगियों का उपचार
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में एम्स में करीब 12 लाख बाह्य रोगियों और एक लाख से अधिक भर्ती मरीजों का उपचार किया गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संस्थान ने कम समय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका बनाई है। राष्ट्रपति ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गंभीर बीमारी कई बार परिवार को आर्थिक संकट में डाल देती है। योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिलती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी योजना की जानकारी और उसका लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।

कड़ी सुरक्षा में मनाली पहुंचीं मुर्मू, आज अटल टनल जाएंगी
मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार दोपहर करीब एक बजे हेलिकॉप्टर से सासे हेलीपैड पहुंचीं। यहां सांसद कंगना रणौत, विधायक भुवनेश्वर गौड़ और उपायुक्त डॉ. अमित कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला कड़ी सुरक्षा के बीच करीब दस मिनट में सर्किट हाउस पहुंचा। काफिले की आवाजाही के दौरान मनाली में कई जगह पुलिस ने नाके लगाकर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया। करीब एक घंटे तक विभिन्न मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और जाम की स्थिति बनी रही। सर्किट हाउस पहुंचने के बाद यातायात सामान्य कर दिया गया। राष्ट्रपति दो दिन मनाली में रहेंगी। बुधवार को वह सड़क मार्ग से अटल टनल जाएंगी और दोपहर बाद हिडिंबा माता मंदिर में दर्शन करेंगी।

एम्स में 350 करोड़ के ट्रॉमा सेंटर के प्रस्ताव पर चर्चा
दीक्षांत समारोह के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने संस्थान के विस्तार और मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाने को लेकर प्रबंधन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में करीब 350 करोड़ से प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर समेत अन्य भावी परियोजनाओं पर चर्चा हुई। समीक्षा बैठक में एम्स में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और भविष्य में शुरू की जाने वाली सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। करीब 350 करोड़ से प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर को महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर चर्चा में रखा गया। इसके निर्माण के लिए आवश्यक संसाधनों और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी मंथन हुआ। बैठक में इस बात पर जोर रहा कि केंद्र स्तर से जिन परियोजनाओं के लिए धन की आवश्यकता है, उनके लिए आवश्यक व्यवस्था की जा सकती है। साथ ही प्रस्तावित और स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने तथा उनका लाभ मरीजों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन

बहुस्तरीय पार्किंग निर्माण पर भी चर्चा
एम्स में मरीजों और तीमारदारों की बढ़ती आवाजाही के साथ पार्किंग की समस्या भी सामने आ रही है। इसे देखते हुए बहुस्तरीय पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा हुई। भविष्य में मरीजों की संख्या और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ मरीजों और तीमारदारों से जुड़ी अन्य सुविधाओं का विकास भी समानांतर रूप से किया जाना जरूरी है। ट्रॉमा सेंटर और पार्किंग के अलावा भविष्य की जरूरत के अनुसार अन्य सुविधाएं विकसित करने की दिशा में भी काम करने पर चर्चा हुई।

निर्माणाधीन विश्राम सदन का किया निरीक्षण
बैठक के बाद नड्डा ने एम्स परिसर में निर्माणाधीन विश्राम सदन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति देखी और संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि बैठक में 350 करोड़ रुपये के प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर, बहुस्तरीय पार्किंग या अन्य किसी परियोजना की औपचारिक घोषणा नहीं की गई। ये परियोजनाएं फिलहाल विचाराधीन हैं और इनके संबंध में औपचारिक स्वीकृति या घोषणा होना बाकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें