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शिमला: वित्तीय तंगी में अटका महत्वाकांक्षी रोपवे प्रोजेक्ट, राज्य सरकार ने रद्द की वित्तीय बोलियां

Fri, 25 Sep 2026 06:48 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

शिमला में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए तैयार किया गया महत्वाकांक्षी शिमला रोपवे प्रोजेक्ट राज्य की खराब वित्तीय स्थिति के कारण अधर में लटक गया है। 
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शिमला रोपवे(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
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 हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए तैयार किया गया महत्वाकांक्षी शिमला रोपवे प्रोजेक्ट राज्य की खराब वित्तीय स्थिति के कारण अधर में लटक गया है। प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के काम पर फिलहाल रोक लगा दी है और जारी की गई सभी वित्तीय बोलियों को पूरी तरह रद्द कर दिया है। यह खुलासा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दाखिल किए गए नए हलफनामे से हुआ है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेश की नाजुक वित्तीय स्थिति को देखते हुए शिमला रोपवे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है।  सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर इस प्रोजेक्ट की वित्तीय बोलियों को भी रद्द कर दिया है।

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परियोजना का मूल स्वरूप 13.79 किलोमीटर था
इस परियोजना का मूल स्वरूप 13.79 किलोमीटर था। तीन अलग-अलग लाइनों पर कुल 13 बोर्डिंग व डी-बोर्डिंग स्टेशन और 1 टर्निंग स्टेशन बनाए जाने थे। पूर्व में सरकार इसे बाहरी वित्त पोषित परियोजना के रूप में विकसित करने पर विचार कर रही थी, जिसके लिए मामला परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी भेजा गया था। भले ही सरकार ने सीधे तौर पर बजट देने से हाथ खींच लिए हों, लेकिन प्रोजेक्ट को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। रोपवेज एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन अब इस परियोजना को किसी ऐसे व्यावहारिक मॉडल पर चलाने की संभावना तलाश रहा है, जिससे सरकार पर आर्थिक बोझ न पड़े। इसके तहत परियोजना को पीपीपी मोड और वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ ) के माध्यम से विकसित करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे निजी निवेश के जरिए इसे धरातल पर उतारा जा सके और सरकारी खजाने पर न्यूनतम असर पड़े। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और सरकार के इस नए रुख को देखते हुए जनहित याचिका और इससे जुड़े अन्य मामलों पर अगली सुनवाई 1 दिसंबर तक के लिए टाल दी है।
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