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Haryana: नशा बेचने वालों की राशन-बिजली बंद करने का सर्वसम्मति से फैसला, यमुनानगर में देवधर गांव ने फूंका बिगुल

Thu, 20 Aug 2026 11:21 AM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में आवाज उठाई कि स्मैक के कारण गांव के अनेक मासूम बच्चों और युवाओं का जीवन पूरी तरह तबाह हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और इस सामाजिक बुराई को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बैठक में स्मैक बेचने वालों की लिस्ट तैयार करते मौजिज लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यमुनानगर के देवधर गांव में नशे के बढ़ते कारोबार और युवाओं में स्मैक की लत के खिलाफ पूरा गांव एक मंच पर आ खड़ा हुआ है। गांव की भावी पीढ़ी को बर्बादी के दलदल से बाहर निकालने के लिए ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने एकजुट होकर नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। आज सरपंच प्रतिनिधि प्रेमचंद शर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुई ग्राम महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि गांव में स्मैक बेचने और इसका सेवन करने वाले संदिग्ध 33 युवाओं की एक विस्तृत सूची तैयार की गई है। उनके खिलाफ सामाजिक व प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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राशन कार्ड रद्द और बिजली कनेक्शन काटने का कड़ा निर्णय
बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए निर्णय लिया कि सूची में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों के परिवारों को सरकारी राशन डिपो से मिलने वाला राशन तुरंत प्रभाव से बंद करवाने की सिफारिश की जाएगी। यह पाबंदी तब तक लागू रहेगी जब तक कि संबंधित व्यक्ति स्मैक की बिक्री और सेवन से पूरी तरह तौबा नहीं कर लेते। इसके साथ ही पंचायत ने नशा बेचने वालों के बिजली कनेक्शन कटवाने का भी कड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है, ताकि अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर सीधा सामाजिक और आर्थिक दबाव बनाया जा सके।
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बच्चों का जीवन बचाने के लिए अब आर-पार की लड़ाई
पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में आवाज उठाई कि स्मैक के कारण गांव के अनेक मासूम बच्चों और युवाओं का जीवन पूरी तरह तबाह हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और इस सामाजिक बुराई को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने या किसी निजी रंजिश के तहत नहीं लिया गया है। इसका एकमात्र उद्देश्य देवधर गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाना और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।

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