यमुनानगर। शहर में इस समय ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वायु गुणवत्ता भी दिनोंदिन खराब होती जा रही है। मंगलवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 256 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण आम लोगों की सेहत के लिए हानिकारक है और खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों तथा पहले से बीमार व्यक्तियों पर इसका प्रभाव अधिक देखा जा रहा है। जिले का अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञान दामला के मौसम विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, ठंड में अब पहले से ज्यादा बढ़ोतरी होगी। बुधवार व वीरवार को आसमान में बादल उमड़ने की संभावना है। बादलों की वजह से धूप कम निकलेगी और ठंड अधिक हो जाएगी। इस सप्ताह के अंत तक न्यूनतम तापमान आठ डिग्री तक जा सकता है। सुबह और शाम के समय तापमान में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। ठंड के कारण हवा की गति कम होने से प्रदूषक तत्व वातावरण में ही ठहर जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता और खराब हो जाती है। शहर के कई इलाकों में सुबह के समय स्मॉग की मोटी परत देखी जा रही है, जो दृश्यता कम करने के साथ-साथ सांस लेने में भी परेशानी पैदा कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और ठंड का संयुक्त असर लोगों की सेहत पर गंभीर तरीके से पड़ रहा है। अस्पतालों में खांसी, जुकाम, दमा, एलर्जी व सांस संबंधी दिक्कतों की शिकायतों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। 200 माइक्रोग्राम से ऊपर एक्यूआई होने पर फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है और लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने से हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है।
वहीं बच्चों में बार-बार खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसलिए लोगों से अपील है कि सुबह और शाम के समय अनावश्यक बाहर न निकलें। बाहर जाना जरूरी हो तो गर्म कपड़े पहन कर ही घर से निकलें।
ठंड में लोग पानी पीना कम कर देते हैं जो कई बीमारियों के बढ़ने की बड़ी वजह है। ऐसे मौसम में पानी अधिक पीएं और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। अस्थमा और हृदय रोगियों को दवा साथ रखने और नियमित जांच करानी चाहिए। संवाद