उनका आरोप है कि अंकित को पता था कि उन्होंने गवाही दी तो उसे सजा हो जाएगी। वह बस स्टैंड से ऑटो में सवार होकर शनि मंदिर के पास पहुंचे तो पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन्हें ऑटो से उतार लिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और सरिया-रॉड से उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमलावर कह रहे थे कि अंकित रिढाऊ के खिलाफ गवाही दी तो मार देंगे। जिससे उनके दोनों पैर बुरी तरह से घायल हो गए। हमले के बाद आरोपी मौके से भाग गए। घायल अवस्था में दीदार सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दीदार सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में एनएच-44 पर स्थित भिगान टोल प्लाजा पर वह मैनेजर थे। एक रात को बिना नंबर प्लेट की आई कार में सवार पांच युवक टोल लेन पर पहुंचे थे। आरोपियों ने टोल कर्मियों को धमकाते हुए बूम हटाने को कहा था। विरोध करने पर अंकित रिढाऊ ने पिस्तौल से फायरिंग कर दी थी। आरोपियों ने टोल बूथ के शीशे तोड़े और कर्मचारियों की पिटाई की। इस दौरान टोल कर्मी निशांत और नितिन के साथ मारपीट की गई और 2300 रुपये छीन लिए थे। उस मामले में उन्होंने एफआईआर कराई थी। उसके बाद उन्हें धमकी दी गई तो एक अन्य केस दर्ज कराया था। धमकी देने के मामले में वह गवाही देने आए थे।
पूर्व टोल मैनेजर पर शनि मंदिर के पास हमला किए जाने की शिकायत मिली है। अज्ञात हमलावरों ने हमला किया है। वह अदालत में गवाही देने आ रहे थे। उनके बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं।
-इंस्पेक्टर उमेश कुमार, थाना प्रभारी सिविल लाइन सोनीपत