- नागरिक अस्पताल में निजी एजेंसी के सीएसआई फंड से बनेगा केंद्र, विशेष रूप से काउंसलर व स्टॉफ होगा तैनात
- चार कमरों की विशेष सुविधा होगी, जल्द ही शुरू होगा काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नशा छोड़कर मुख्य धारा में आने वाले नशा पीड़ितों के लिए नागरिक अस्पताल में विशेष व्यवस्था की जाएगी। रीहैब (पुनर्वास) की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। जिला प्रशासन के सहयोग से एचडीएफसी बैंक के सीएसआर फंड से नशा पुनर्वास केंद्र बनाया जाएगा।
इस केंद्र के लिए दिल्ली से कंपनी के लोगों ने मौके पर पहुंचकर जमीन पर मलबा आदि हटाकर अपनी ड्राइंग फाइनल करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। दिल्ली की मोहल्ला क्लीनिक तकनीक का प्रयोग कर चार से पांच कमरों का निर्माण किया जाएगा। यहां पर पीड़ितों के उपचार के साथ काउंसलिंग से लेकर अन्य व्यवस्था की जाएगी। सौहार्दपूर्ण वातावरण नशा छोड़ने वालों को मजबूत बनाने के लिए दिया जाएगा।
विशेष स्टाफ करेगा संवाद
चिकित्सकों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट पहली बार नागरिक अस्पताल में शुरू किया जाएगा। इसको लेकर विशेष स्टाफ हमें जल्द ही मिल जाएगा। काउंसलर से लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर तक रहेगा। विशेष कमरों में फैमिली थेरेपी से अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए संवाद किया जाएगा। नशे के कारणों के साथ पीड़ित के परिवार को मोटिवेट किया जाएगा। कई दिनों तक पुनर्वास केंद्र में रहने वाले मरीजों के बच्चों को भी लाइब्रेरी के माध्यम से शिक्षा से जोड़े रखा जाएगा।
जिम व खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी
कंपनी की ओर से एक विशेष जिम का निर्माण पार्क में किया जाएगा, ताकि नशा छोड़ने के बाद शारीरिक तौर पर कमजोर हुआ मरीज पुन: तंदुरुस्त हो सके। इसके साथ बॉस्केटबाल से बैडमिंटन कोर्ट की सुविधा रहेगी। इसका मकसद है कि शारीरिक गतिविधियां करवाई जाएं। इससे मानसिक और शारीरिक तौर पर मरीज स्वस्थ होगा। उसका ध्यान नशे से हटेगा और वह सकारात्मक विचारधारा को अपनाएगा।
कोट्स
पुनर्वास केंद्र में विशेष व्यवस्था की जाएगी। यह प्रोजेक्ट नशा छोड़ने वालों के लिए बेहद कारगर साबित होगा। यह नशा पीड़ितों को मुख्य धारा में लाने का प्रयास है। उम्मीद है कि यह कामयाब होगा। पांच से छह मरीजों को वहां पर रखने की व्यवस्था होगी।
-डाॅ. पंकज शर्मा, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के प्रभारी