संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। स्वामी बालकपुरी महाराज की 17वीं पुण्य तिथि पर तीन दिवसीय संगीतमय श्री भक्तमाल कथा का समापन पुरिधाम में महामंडलेश्वर स्वामी कर्णपुरी महाराज के सानिध्य में सोमवार को किया गया। इसमें कथा व्यास पुरिधाम के ही बाबा शांतपुरी ने इस अलौकिक कथा का रसपान कराया।
स्वामी कर्णपुरी महाराज ने बताया कि 23 फरवरी को कथा के तृतीय दिवस पर श्री भक्तमाल कथा को विश्राम दिया गया। कथा के अंतिम दिन जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने प्रवचनों से सभी को निहाल किया। सत्संग व संतों की संगति के महत्व का संदेश दिया व सभी संत समाज व भक्तजनों को अपना आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डेरा बाबा लक्ष्मणपुरी महाराज गोहाना के पीठाधीश्वर व जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत कमलपुरी महाराज ने की।
कार्यक्रम में विभिन्न डेरों व मठों से प्रमुख संत अपना आशीर्वाद देने के लिए मौजूद रहे जिसमे श्रीमहंत अशोक गिरि, महंत रमनपुरी, महंत राजेंद्र पुरी, गौरव पुरी, बाबा कैलाश गिरि व नारायण गिरि उपस्थित रहे।
शिविर में 137 ने किया रक्तदान
श्री बाबा बालकपुरी धर्मार्थ औषधालय की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें 137 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया व डायरी वितरित की गई। कथा के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया।