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Rohtak News: जेनेटिक्स एंड इवोल्यूशन और इकोलॉजी यूनिट पढ़कर भी बायोलॉजी में पास हो जाएंगे विद्यार्थी

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संतोष जांगड़ा, बायोलॉजी प्रवक्ता, ​भिवानी रोड राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रो
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रोहतक। 12वीं की बायोलॉजी (जीवविज्ञान) में पांच यूनिट हैं। इनमें दो यूनिट जेनेटिक्स एंड इवोल्यूशन और इकोलॉजी को पढ़कर कमजोर विद्यार्थी भी पास हो सकते हैं। अगर इन दो यूनिटों को भी 100 प्रतिशत पढ़ लिया तो फेल होने की संभावनाएं कम रहेंगी। बायोलॉजी में पास होने के लिए विद्यार्थियों को 23 से अधिक अंक लेने होते हैं।
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ऐसा कहना है भिवानी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की बायोलॉजी प्रवक्ता संतोष जांगड़ा का। उनका कहना है कि बायोलॉजी विषय की तैयारी पूरी गंभीरता, अनुशासन एवं योजनाबद्ध तरीके से करें।
विद्यार्थियों को सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम का गहन दोहराव करना चाहिए ताकि प्रत्येक यूनिट का कॉन्सेप्ट स्पष्ट रूप से समझ में आ सकें। एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें पढ़ें क्योंकि परीक्षा में पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्न इन्हीं पुस्तकों पर आधारित होते हैं।
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डायग्राम, परिभाषाएं, तालिकाएं एवं वैज्ञानिक शब्दावली पर ध्यान देना चाहिए। प्रवक्ता जांगड़ा ने बताया कि प्रश्नपत्र पैटर्न के अनुसार बायोलॉजी परीक्षा में कुल 35 प्रश्न होंगे।
प्रश्न पत्र में 1 अंक के 18 वस्तुनिष्ठ प्रश्न, 2 अंक के 7 अति लघु उत्तरीय प्रश्न, 3 अंक के 5 लघु उत्तरीय प्रश्न, 4 अंक के 2 केस-स्टडी आधारित प्रश्न व 5 अंक के 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। सभी खंडों में आंतरिक विकल्प भी दिए जाएंगे।
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बायोलॉजी इन ह्यूमन वेलफेयर से आते हैं 12 अंक
जांगड़ा ने बताया कि हरियाणा बोर्ड के अनुसार प्रजनन (रिप्रोडक्शन) यूनिट से 16 अंक, आनुवंशिकी एवं उत्क्रांति (जेनेटिक्स एंड इवोल्यूशन) से सर्वाधिक 20 अंक, मानव कल्याण में जीवविज्ञान (बायोलॉजी इन ह्यूमन वेलफेयर) से 12 अंक, जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) से 12 अंक व पारिस्थितिकी (इकोलॉजी) से 10 अंक के प्रश्न आते हैं। थियोरेटिकल परीक्षा कुल 70 अंकों की होगी जबकि प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों की होगी। वहीं प्रैक्टिकल की परीक्षा की तैयारी को भी गंभीरता से लें।
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पुराने प्रश्नपत्रों से मिलेगी समझ
प्रवक्ता संतोष जांगड़ा ने बताया कि विद्यार्थियों को पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र अवश्य हल करने चाहिए जिससे परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों के स्तर और समय प्रबंधन की सही समझ विकसित हो सके। परीक्षा के दौरान घबराने से बचें और आत्मविश्वास बनाए रखें। संतुलित समय-सारणी अपनाएं, नियमित अध्ययन करें, स्वस्थ आहार लें, पर्याप्त नींद लें व सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करें। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के माध्यम से बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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