फोटो नंबर-04कथा समापन पर भागवत आरती करती महिलाएं। स्रोत-आयोजक
नारनौल। गांव भूषण कलां में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का समापन वीरवार को हवन के साथ हुआ। मनीष शास्त्री ने यजमान मदनलाल जसोरिया व मंजू जसोरिया से पूजन करवाया। कथा व्यास पं. बजरंग शास्त्री ने कहा कि हवन नारायण स्वरूप है और किसी भी धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णता इसके साथ होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने रूप, यौवन, संपत्ति या पद का अभिमान नहीं करना चाहिए। संतों, ब्राह्मणों और माता-पिता का सदैव सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलियुग में हरिनाम का महत्व है। इस दौरान आचार्य बजरंग शास्त्री का सम्मान किया गया। प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सरपंच राकेश, भूतपूर्व सरपंच पवन कुमार, सूबे सिंह जसोरिया व रामनिवास यादव उपस्थित रहे।