कोसली। लंबे समय से प्रतीक्षित कोसली रेलवे स्टेशन के समीप स्थित फ्लाईओवर का पुनर्निर्माण कार्य अब पूरी तरह से पूरा हो चुका है। स्थानीय लोगों के लिए यह खुशखबरी है कि इसका शुभारंभ 5 दिसंबर को सुबह 10 बजे विधायक अनिल यादव द्वारा किया जाएगा। पुल के फिर से चालू होने से कोसली और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी।
यह फ्लाईओवर क्षेत्र के प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ता है और इसके बंद रहने के दौरान लोगों को वैकल्पिक रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था जिससे समय और ईंधन दोनों की अधिक खपत होती थी। स्थानीय व्यापारियों और दैनिक यात्रियों ने कई बार इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग उठाई थी। सरकार द्वारा संज्ञान लेने के बाद इसके निर्माण को तेजी से पूरा किया गया।
फ्लाईओवर के पुनर्निर्माण पर हरियाणा सरकार ने 11.50 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ विरेंद्र सिंह ने बताया कि पुल का संचालन शुरू किए जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि शुभारंभ अवसर पर विधायक अनिल यादव मुख्य अतिथि होंगे और उनके साथ प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पंचायत विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि फ्लाईओवर का दोबारा शुरू होना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी रफ्तार देगा।
18 अगस्त 2023 को शुरू किया गया था पुनर्निर्माण
इस ओवरब्रिज के पुनर्निर्माण का कार्य 18 अगस्त 2023 को शुरू किया गया था। पुराने पुल को तोड़े जाने के बाद शहर के लोग दो साल से लगातार असुविधाओं का सामना कर रहे थे। ओवरब्रिज के बंद होने से कोसली शहर दो भागों में विभाजित हो गया था। इसके कारण न केवल आम जनजीवन प्रभावित हुआ बल्कि शहर का व्यापार भी बुरी तरह ठप पड़ गया था। लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए लगभग सात किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। इस दौरान कोसली-कनीना सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी पूरी तरह से टूट गई थी। शहर के व्यापारी, छात्र, कर्मचारी और किसान सभी को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी।
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व्यापार ठप, कई व्यापारी हुए थे पलायन को मजबूर
ओवरब्रिज के बंद रहने से शहर के व्यापार पर गहरा असर पड़ा था। बाजार में ग्राहकों की आवाजाही घटने लगी जिससे कारोबार ठप हो गया था। व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। यहां तक कि कुछ व्यापारियों ने अपने व्यवसाय को बचाने के लिए शहर छोड़कर अन्य स्थानों पर पलायन तक कर लिया। पूरे शहर की आर्थिक गतिविधियां लगभग ठहर सी गई थीं। व्यापार मंडल प्रधान सुभाष गर्ग ने कहा कि ओवरब्रिज के शुरू होने से शहर की व्यापारिक गतिविधियां फिर से गति पकड़ेंगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में स्थानीय व्यापार को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई में समय लगेगा लेकिन पुल के शुरू होने से शहर फिर से जीवंत हो उठेगा।
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यातायात और आम जनजीवन पर बड़ा असर
ओवरब्रिज के पुनर्निर्माण के दौरान कोसली-कनीना मार्ग पर चलने वाली कई बस सेवाएं एक-एक करके बंद हो गई थीं। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी और परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। मंडी में आने वाले किसानों को भी माल ढुलाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई बार ट्रैक्टर और गाड़ियां घंटों तक जाम में फंसी रहती थीं। अब पुल के शुरू होने से शहर के दोनों हिस्से फिर से जुड़ जाएंगे और यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा। इससे न केवल आमजन को राहत मिलेगी बल्कि व्यापारिक और परिवहन गतिविधियां भी सामान्य हो जाएंगी।