महेंद्रगढ़/कनीना। शहर स्थित उप-नागरिक अस्पताल में पहले दिन डॉक्टरों की हड़ताल बेअसर रही। हालांकि, आपातकालीन कक्ष में कोई टीम नहीं दिखी और चिकित्सा अधिकारी कक्ष भी खाली मिला। सोमवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुचारु रखने के लिए कोरियावास मेडिकल कॉलेज से 8 डॉक्टरों की तैनाती की गई।
एसएमओ जयप्रकाश ने बताया कि अस्पताल में 39 में से 37 डॉक्टर हड़ताल में शामिल हुए जबकि दो डॉक्टरों ने सेवाएं सुचारू रखी। सोमवार को ओपीडी में अधिकतर मरीज दवाएं और वैक्सीन लेने के लिए आए। दोपहर तक अस्पताल में व्यवस्थाओं की जांच की लेकिन कोई आपातकालीन सेवा या मरीजों के साथ परेशानी नहीं दिखी। बालरोग विशेषज्ञ और गायनी ने कार्यभार संभाले रखा।
संगठन का कहना है कि चिकित्सा अधिकारियों को लंबे समय से पदोन्नति नहीं दी जा रही है और इसके कारण वे बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीधी एसएमओ पद पर भर्ती करने के बजाय उन्हें सेवा में बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ प्रोत्साहन, आयुष्मान प्रोत्साहन और वैकल्पिक एनपीए दिया जाना चाहिए।
आज लगेगा अल्ट्रासाउंड शिविर
हर माह नागरिक अस्पताल में 9 व 10 तारीख को अल्ट्रासाउंड शिविर लगाया जाता है। कभी कभार अवकाश होने के कारण शिविर की तिथि बढ़ा दी जाती है। इस पर हड़ताल का कोई असर नहीं होगा और 9 दिसंबर को शिविर लगाया जाएगा।
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हड़ताल की सूचना से मरीजों ने बनाई दूरी
आम दिनों की तुलना में सोमवार को दोनों अस्पतालों में मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। लोगों को हड़ताल की सूचना मिलने पर उन्होंने अस्पताल से दूरी बनाए रखी। सोमवार को अस्पताल में केवल वैक्सीन और दवा लेने के लिए मरीज पहुंचे।
कनीना में दिखा मिला-जुला असर
कनीना में डॉक्टरों की हड़ताल का मिला-जुला असर देखने को मिला। अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या काफी कम रही। मरीज सुरेंद्र, आकाश, नीरज व योगेश ने बताया कि सोशल मीडिया से जानकारी मिली कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर दो दिन की हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद अधिक परेशानी होने पर वे उप-नागरिक अस्पताल कनीना पहुंचे लेकिन जांच करने वाली टीम अपनी जगह पर नहीं मिली। ओपीडी खुली होने के बावजूद अधिकतर मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। एसएमओ डॉ. रेणु वर्मा ने बताया कि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के साथ बातचीत का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। एसोसिएशन सरकार के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की सीधी भर्ती के फैसले का विरोध कर रही है।
- वर्जन:
किसी मरीज को परेशानी नहीं होने दी गई और सोमवार कुल 40 स्टाफ सदस्य सेवारत रहे। अब दूसरे दिन भी मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आपातकालीन चिकित्सा के लिए पूरी व्यवस्था है। -जयप्रकाश कुमार, एसएमओ, महेंद्रगढ़
फोटो संख्या:51- हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में खाली चिकित्सक की सीट---संवाद- फोटो : प्रेमशंकर की हत्या के बाद विलाप करतीं परिवार की महिलाएं। संवाद
फोटो संख्या:51- हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में खाली चिकित्सक की सीट---संवाद- फोटो : प्रेमशंकर की हत्या के बाद विलाप करतीं परिवार की महिलाएं। संवाद