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बिना रुकावट 24 घंटे चल रहा गेहूं खरीद का कार्य : मुख्यमंत्री

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पिपली। अनाजमंडी का दौरा करने के दौरान गेहूं की नमी जांच करवाते मुख्यमंत्री नायब सैनी। संवाद - फोटो : samvad
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पिपली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को पिपली अनाज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपने सामने गेहूं की ढेरी पर नमी की जांच भी कराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सभी मंडियों और केंद्रों पर बिना किसी रुकावट के 24 घंटे चल रहा है। इस दौरान किसी भी किसान को कोई दिक्कत नहीं आ रही। सरकार किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद करेगी और 12 अप्रैल तक लगभग 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है और लगभग 2.44 लाख किसानों का 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन हो चुका है, 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और लगभग 188 करोड़ की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे तौर पर स्थानांतरित हो चुकी है।
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मुख्यमंत्री ने अनाज मंडी के गेट पर गेट पास बनाने की प्रक्रिया को जाना। इसके बाद खरीद व्यवस्था को देखा और किसानों से बातचीत कर अनाज मंडी में गेहूं बेचने के दौरान आने वाली समस्याओं और दिक्कतों को जाना। उन्होंने कहा कि राज्य में गेहूं की खरीद के लिए 416 मंडियां व खरीद केंद्र के अलावा 264 अतिरिक्त खरीद स्थल भी खोले गए हैं। प्रदेश में गेहूं की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग काॅरपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम की ओर से की जा रही है।



राज्य सरकार ने प्रदेश में खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और किसान हितैषी बनाने के लिए कई नई पहले लागू की हैं। इन उपायों से फसल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगेगी और किसानों को सुविधाजनक और तेज सेवाएं मिलेंगी। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, चेयरमैन सतीश मथाना, मंडी प्रधान गुरुदत्त शर्मा, मार्केट कमेटी सचिव गुरमीत सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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चार जिलों में नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 6, 7 व 8 अप्रैल को बारिश के कारण फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व कुरुक्षेत्र के कुछ गांवों में फसलों को नुकसान होने की रिपोर्ट मिली थी। फसलों को हुए नुकसान और भरपाई के लिए पोर्टल खोला हुआ है। इनमें कुरुक्षेत्र के छह, फतेहाबाद के नौ, हिसार के 10 और सिरसा के दो गांव शामिल हैं। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपनी फसल के नुकसान व भरपाई के लिए 15 अप्रैल तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करें।
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