कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में छात्रों की लगातार आत्महत्याओं ने पूरे प्रशासन को सकते में डाल दिया है। छात्रावास नंबर आठ के एक ही ब्लॉक में मात्र दस दिनों के अंदर दो छात्रों द्वारा फंदा लगाने की घटनाओं के बाद संस्थान बोर्ड ने आनन-फानन में आपात बैठक बुलाई। बैठक में सभी विभागों के अध्यक्षों ने छात्रों के बीच बढ़ते अलगाव और मानसिक दबाव पर गहरी चिंता जताई।
एनआईटी निदेशक का अतिरिक्त कार्य देख रहे डॉ ब्रह्मजीत सिंह व अन्य बोर्ड सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। बोर्ड कमेटी ने करीब ढेड़ साल पहले छात्रों में तनाव कम करने के लिए स्थापित की गई मेडिटेशन लैब व छात्रों को नियमित गीता पाठ करवाने के लिए बनाई गई कमेटी की रिव्यू रिपोर्ट खंगाली गई।
साथ ही कमेटी ने छात्रों की बनाई गई कमेटी का जिक्र किया और पूछा की अब कितने छात्र मेडिटेशन लैब व गीता का पाठ करने के लिए पहुंच रहे हैं। साथ ही डीन छात्र कल्याण से भी पूछा गया कि सिनियर छात्रों द्वारा अपने जूनियर छात्रों के लिए इंट्रेक्शन किस प्रकार से किया जा रहा है और उन्होंने छात्रों के लिए चल रही पाठ्यक्रम के अलावा चल रही अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और उन्हें प्रभावी रूप से लागू करते हुए सभी छात्रों को उसमें जोड़ने पर विचार किया गया ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना संस्थान में न घटे।