संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सरकार ने कोरोना काल में खड़ी रही किलोमीटर स्कीम की बसों की पेमेंट दिए जाने की घोषणा की है। इसे लेकर ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने सरकार के फैसले का विरोध किया। यूनियन ने परिवहन आयुक्त को पत्र लिख मामले की जांच करवाने और भुगतान की अदायगी रोकने की मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जांच नहीं करवाई तो यूनियन कोर्ट की शरण लेगी।
राज्य प्रधान माया राम, राज्य महासचिव बलदेव सिंह, प्रदेश प्रेस प्रवक्ता रणजीत करोड़ा, जिला प्रधान नरेंद्र पांचाल ने बताया कि प्रदेश सरकार चालक व परिचालक से 18-18 घंटे की कठिन ड्यूटी लेकर बहुत कम वेतनमान देकर शोषण कर रही है। कर्मचारियों के अर्जित देय अवकाशों में नियमों के विपरीत बड़ी कटौती की गई है। रोडवेज कर्मचारियों को पिछले 8-9 साल से बोनस नहीं दिया जा रहा है। रोडवेज विभाग में चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर, चौकीदार आदि के हजारों पद खाली पड़े हैं और सरकार भर्ती नहीं कर रही है।
इससे कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। सरकार कर्मचारियों की मांगों को जायज मानकर समझौता तो कर रही है परंतु मानी गई जायज मांगों को लागू नहीं किया जा रहा। रोडवेज नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों को लाभ देने के समय सरकार के पास बजट नहीं होता है। मुख्यालय के अधिकारी महाप्रबंधकों पर जल्द भुगतान करने के आदेश बार-बार जारी कर रहे हैं जबकि इस दौरान ये बसें किसी मार्ग पर नहीं चली और एरियर रूपी भुगतान करने की वित्तीय विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई है।
मुख्यालय से आए आदेश, अभी नहीं हुआ भुगतान : शेर सिंह
रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि मुख्यालय की तरफ से भुगतान किए जाने के आदेश आए हैं लेकिन अभी तक नहीं किया गया है। मुख्यालय के आदेशों का पालन होगा। ट्रेफिक ब्रांच ने बिल बनाकर अकाउंट ब्रांच में भेजे हैं।
कुरुक्षेत्र। बैठक करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद