फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने किया तीर्थों का भ्रमण

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के तीर्थों का भ्रमण के दौरान राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने वीरवार को धर्मनगरी के प्रमुख आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने ज्योतिसर, अभिमन्युपुर, ब्रह्मसरोवर, श्री भद्रकाली शक्तिपीठ, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कार्यालय तथा गीता ज्ञान संस्थानम् में स्वामी ज्ञानानंद महाराज के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किए।
विज्ञापन

गत मार्च माह में राजस्थान के नाथद्वारा में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया था, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। किंतु कुछ अपरिहार्य कारणों से वे उस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके थे। उसी समय से उनकी गीता की जन्मस्थली एवं भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि कुरुक्षेत्र आने की विशेष इच्छा थी। वीरवार को उनका यह संकल्प पूर्ण हुआ।
भ्रमण के दौरान देवनानी ने कहा कि कुरुक्षेत्र केवल प्रदेश या देश की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की आध्यात्मिक धरोहर है। यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य उपदेश देकर विश्व को कर्म, धर्म और मानव कल्याण का संदेश दिया।
विज्ञापन

उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान और कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का राजस्थान एवं कुरुक्षेत्र दोनों से अत्यंत गहरा संबंध रहा है। राजस्थान की लोक परंपराओं, मंदिर संस्कृति और वैष्णव भक्ति धारा में श्रीकृष्ण की उपासना का विशेष स्थान है, वहीं कुरुक्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की गीता उपदेश स्थली होने के कारण विश्व भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। दोनों प्रदेश भारतीय संस्कृति, धर्म और अध्यात्म की समृद्ध परंपराओं के महत्वपूर्ण वाहक हैं। अध्यक्ष ने आशा जताई कि राजस्थान और हरियाणा भविष्य में सनातन संस्कृति एवं गीता के संदेश के प्रचार-प्रसार हेतु मिलकर अनेक महत्वपूर्ण पहल करेंगे।
गीता ज्ञान संस्थानम् में स्वामी ज्ञानानंद से भेंट के दौरान सनातन धर्म के मूल्यों, गीता के वैश्विक संदेश तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वामी ने कहा कि गीता का संदेश मानवता के लिए आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना महाभारत काल में था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें