कुरुक्षेत्र। सरकार ने प्राइवेट बसों में पास मान्य कर दिए हैं। इसके बाद कई प्राइवेट बंस संचालक अभी भी इसको मान्य नहीं कर रहे हैं। परेशान छात्र छात्राएं नए बस अड्डे पर प्राइवेट बसों के ड्राइवर कंडक्टर से भी मिले और बसों में पास मान्य न करने पर सवाल किए जिसके बाद उनको कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके बाद एएसएपी संगठन के प्रतिनिधिमंडल और छात्राओं ने आरटीओ अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्राइवेट बस संचालकों पर बदसलूकी का भी आरोप लगा। छात्र नेता भारत बराड़, शुभम राणा और अनिकेत सिंह ने बताया कि सरकार के परिवहन विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि पास सभी बसों में मान्य होगा, चाहे बस प्राइवेट हो या सरकारी। इसके बावजूद प्राइवेट बस संचालक इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।
भारत बराड़ ने आरोप लगाया कि प्राइवेट बस माफिया सरकार के आदेशों को चुनौती दे रहा है। उन्होंने कहा कि रोजाना ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिनमें छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। कुछ मामलों में कंडक्टर की ओर से छात्राओं को जबरन बस से उतारने तक की घटनाएं सामने आई हैं, जो बेहद गंभीर हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार के स्पष्ट आदेश लागू नहीं हो रहे, तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप क्यों हैं। संगठन ने छात्र-छात्राओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की बदसलूकी या उत्पीड़न की घटना सामने आने पर तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आरटीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
छात्र-छात्राओं से मुलाकात के बाद आरटीओ अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि सोमवार को प्राइवेट बस मालिकों के साथ बैठक बुलाई जाएगी। इसमें उन्हें विद्यार्थियों के पास को लागू करने और सरकार के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाएगा। साथ ही जिन बसों में छात्राओं के साथ बदसलूकी हुई है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
कुरुक्षेत्र। प्राइवेट बस संचालको की मनमानी के खिलाफ आरटीओ अधिकारियों से चर्चा करते छात्र। स्व
कुरुक्षेत्र। प्राइवेट बस संचालको की मनमानी के खिलाफ आरटीओ अधिकारियों से चर्चा करते छात्र। स्व