कुरुक्षेत्र। जिले भर के पटवारी शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। उनके काम पर नहीं लौटने से राजस्व संबंधी कार्य पूरी तरह प्रभावित हुए। पटवारखानों पर ताले लटके रहे। पटवारी पटवार भवन में धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष जताते रहे। हड़ताल के चलते जिले में दो दिन में करीब 1500 इंतकाल के कार्य अटक गए हैं।
700 जमाबंदी और रजिस्ट्री से जुड़े कार्य भी लंबित हो गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न प्रकार के 2000 से अधिक प्रमाण पत्र भी अटके हुए हैं। कामकाज प्रभावित होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व संबंधी कार्य ठप होने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जमीन की खरीद-फरोख्त, इंतकाल दर्ज कराने और जमाबंदी निकलवाने जैसे राजस्व कार्य रुक गए हैं। पटवारखानों में पहुंच रहे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को विशेष रूप से अधिक परेशानी हुई। पटवारियों की हड़ताल अब आगे भी बढ़ गई है। इससे यह समस्या और गंभीर होने की आशंका है।
पटवार भवन में जारी रहा धरना
दूसरे दिन भी पटवारियों ने दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले जिला प्रधान डॉ. साहब सिंह के नेतृत्व में पटवार भवन में एकजुट होकर धरना दिया। इस दौरान सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की मांग की गई। पटवारियों का कहना है कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
हकीकत से कोसों दूर की बात करते हैं अधिकारी : साहब सिंह
एसोसिएशन जिला प्रधान साहब सिंह का कहना है खेतों में पटवारियों को फसल क्रॉप सर्वे करने के लिए एक माह का समय दिया हुआ है जबकि धान व गन्ने के खेतों में बारिश के इस मौसम में जाना खतरे से खाली नहीं है। पटवारी के साथ कोई भी हादसा हो सकता है। इस समय यह सर्वे संभव नहीं हो सकता जबकि अधिकारी हकीकत को जाने बिना ही कोसों दूर की बातें करते हैं। पोर्टल में आ रही खामियों का खामियाजा भी पटवारियों को भुगतना पड़ रहा है।